रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर जिले में भारी बर्फबारी के बाद मौसम साफ होते ही पहाड़ियों से ग्लेशियरों के खिसकने का दौर शुरू हो गया है। जिले में प्रकृति का कहर बरपना शुरू हो गया है, जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों पर ग्लेशियर खिसक गए हैं। इससे सेब सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।
जनजातीय जिला किन्नौर के टिंकू नाला, भगत नाला, जंगी नाला, बारंग नाला सहित सांगला के कई अन्य क्षेत्रों में ग्लेशियरों के खिसकने से अब तक कई संपर्क मार्ग कट चुके हैं। कई सड़कों को ग्लेशियर से नुकसान होने के कारण लोक निर्माण विभाग को लाखों रुपये का चूना लगा है। कई क्षेत्रों में ग्लशियरों की चपेट में आने से बागवानों के सेब और अन्य फलों के पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है, इस कारण बागवानों को खासा आर्थिक नुकसान पहुंचा है। जिले के बारंग नाले में ग्लेशियर खिसकने कई बागवानों के सेब के पौधे जहां जड़ से ही उखड़ गए हैं, वहीं दर्जनों पेड़ों को क्षति पहुंची है। बर्फबारी के 14 दिन बाद भी लोक निर्माण विभाग भावानगर बारंग संपर्क मार्ग को अब तक बहाल नहीं कर पाया है। मार्ग बाधित होने से ग्राम पंचायत बारंग के ग्रामीणों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
ग्राम पंचायत बारंग के मोहन कुमार नेगी ने बताया है कि बारंग में कई बागवानों के सेब के बगीचे ग्लेशियर की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं और बागवानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। पंचायत के जनक राज नेगी, संदीप नेगी, वीरेंद्र नेगी, राजकुमार नेेगी के सेब के पौधे नष्ट हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग कि है कि जल्द से जल्द इन बागवानों के बगीचों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन और लोनिवि से जल्द से जल्द बाधित मार्ग को बहाल करने की मांग उठाई है, ताकि ग्रामीणों को परेशानियां न झेलनी पड़े।
उधर, एसडीएम कल्पा अवनिंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि ग्लेशियर से सेब के पौधों को नुकसान होने की सूचना मिली है। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाएगा, जो नुकसान का आकलन करेगी। प्रभावितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।