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किन्नौर में पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन

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अमर उजाला ब्यूरो

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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में हुई भारी बर्फबारी के 13 दिन बीतने के बाद भी जन जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जिले में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी समस्याओं से ग्रामीणों को दो-चार होना पड़ रहा है। जिले के पूह, कल्पा और निचार खंड के हजारों ग्रामीण परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। शनिवार को जिले के टिंकू नाला के पास भारी बर्फबारी के कारण एनएच पांच और जिले के 107 ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। इसके चलते लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं। गौरतलब है कि किन्नौर जिले में बीते दिनों हुए भारी हिमपात के कारण अव्यवस्था का आलम बरकरार है। जिले की 65 पंचायतों के हजारों लोगों को बिजली, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। रिकांगपिओ, कल्पा, रोघी, पांगी, रारंग, ठोपन, आकपा जंगी, लिप्पा, आसरंग, पूह, लाबरंग, हांगो, लियो, मालिंग, स्पीलो, कानम, लाबरंग, खाब, नमज्ञा, पलिंगी, निचार, पौंडा बरी, चगांव उरनी, चोलिंग, बारंग, पूर्वणी, शौंग, सापनी, कड़छम, सांगला, छितकुल, बटसेरी, कुप्पा, चांसू, वांगतू और यांगपा सहित जिले के तीनो खंडों की करीब 107 ग्रामीण सड़कों पर भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। तीनों खंडों के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है।
नहीं लेना चाहते रिस्क : अजेंद्र
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने कहा कि जिले भर की सड़कों पर भारी हिमपात के कारण अधिकांश रूटों पर हादसों को ध्यान में रखते हुए बसों को नहीं भेजा जा रहा। स्थिति सामान्य होते ही बसों की आवाजाही शुरू की जाएगी।
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सड़कों को बहाल करने का काम जोरों पर
लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन आरएल चौहान और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी ने कहा कि जिले की 107 सड़कों को बहाल करने के लिए 21 जेसीबी मशीनें और करीब 300 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो बाधित मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
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सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने कहा कि पोवारी से पूह तक बर्फबारी से बाधित एनएच को बहाल करने के लिए 6 मशीनें और 150 मजदूर तैनात हैं, जो युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच को बहाल करने में जुटे हैं।

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