अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम क्षेत्र पूह में पेयजल संकट गहरा गया है। दस दिन से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। पूह के ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आईपीएच विभाग गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने में नाकाम साबित हो रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों में सरकार और विभाग के प्रति रोष है। ग्रामीणों के अनुसार पूह पंचायत के स्थानीय नाले के चांगमा प्रथम और चांगमा 2 स्रोत से अचानक दस दिन पूर्व पेयजल आपूर्ति जम जाने से बंद हो गई, जो आज दिन तक बहाल नहीं हो पाई है। सप्लाई ठप होने से पूह पंचायत के तहत आने वाले क्षेत्र लाबरंग, गांधी मोहल्ला, माथ, चमलिंग मोहल्ला, डाकथत मोहल्ला और पूह खंड की करीब डेढ़ हजार की आबादी वाले लोगों को गांव से सात किलोमीटर दूर टिंकू नाले से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल समस्या को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन विभाग इस समस्या को दूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इसका खामियाजा क्षेत्र के हजारों लोगों को सर्दियों के दिनों में सात किमी दूर से पानी ढोकर भुगतना पड़ रहा है। पूह पंचायत प्रधान सुमन साना, उपप्रधान सुशील साना, महिला मंडल प्रधान पूह ईश्वर देवी, बीडीसी सदस्य सोहन लाल, वार्ड सदस्य मीना, चंपा देवी, समरेखा और गुलाब देवी सहित कई अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने दिसंबर में ही आईपीएच विभाग को अवगत करवा दिया था कि साथ लगते नाले से सर्दियों में सप्लाई दी जाए। आईपीएच विभाग पूह के एक्सईएन आरएस नेगी ने बताया कि तापमान में गिरावट के कारण पेयजल की समस्या पेश आ रही है। पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग गंभीर है। इसके लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।