अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोटगढ़ के लोश्टा गांव में ही नहीं, बल्कि ऊपरी शिमला के हर गांव-घर में लोग देर रात तक टीवी पर टकटकी लगाए रहे। लोश्टा गांव के निवासी अंकुश भारद्वाज इंडियन आइडल के ग्रांड फिनाले में अपना दमखम जो दिखा रहे थे।
शिमला का यह बेटा पूरे प्रदेश का नाम रौशन कर रहा था तो लोग कैसे नहीं देखते। टीवी पर टकटकी लगाने के अलावा लोग स्मार्ट फोन पर भी नजरें गड़ाए रहे। वे आठ बजे से ही वोटिंग करना शुरू कर गए थे, जो साढ़े दस बजे तक होनी थी। लोगों ने जमकर वोट डाले। अंकुश के परिजन और गांववाले भी वोट डालने के लिए अपने परिचितों को फोन करते रहे। परिचितों को भी टीवी देखने को कहते रहे।
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ज्यादातर ने इंडियन आइडल देखने से जरूरी माने वोट
अंकुश भारद्वाज के चचेरे भाई रजत भारद्वाज ने कहा कि पूरे दिन उन्होंने लोगों से अपील की। सोशल मीडिया से जुडे़ रहे। देवी-देवताओं से दुआ भी मांगी। आठ से साढे़ दस बजे के बीच वोटिंग थी। उन्होंने टीवी पर कार्यक्रम देखने से ज्यादा वोट देना ठीक समझा। सोशल मीडिया पर भी इसके लिए अपील की। इसी के गांव के एक अन्य निशांत ठाकुर ने कहा कि उन्होंने भी दिन भर लोगों से अपील की कि वोट डाले जाए।
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सेब से ही नहीं, अब गायन से भी बनी इस क्षेत्र की पहचान
कोटगढ़ के निवासी लव कंवर ने बताया कि सेब के साथ अब इस क्षेत्र की लोकगायकी से भी पहचान होगी। सबसे पहले इस लड़के ने गाना कोटगढ़ में दहशरा उत्सव में गाया था। उस समय इसने गाना गाया था। वापस आएंगे तो इसी मंच से गवाएंगे।
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बिजली बोर्ड अधिकारी भी रहे सतर्क, नहीं लगाए कट
बिजली बोर्ड के अधिकारियों को फोन किए कि किसी भी सूरत में बिजली की सप्लाई बाधित न रहे। बिजली बोर्ड के एसडीओ राजेश्वर सरकैक ने कहा कि यह हमारे लिए भी सम्मान की बात है कि इस क्षेत्र से यह लड़का इतने बड़े मंच पर गया है। उन्होंने एक अलग पहचान दी है, इसलिए लोगोें की भावनाओं को देखते हुए बिजली की आपूर्ति जारी रखी जाए।
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