रोहडू। प्रूनिंग के बाद सेब के बगीचों में पड़ी टहनियों से अब बागवान कंपोस्ट तैयार करेंगे। इस खाद को दोबारा बागवानी के लिए बगीचों में उपयोग किया जाएगा। टहनियों को जलाने से फैल रहे धुंए को रोकने के लिए नंदपुर पंचायत के लोगों ने अनूठी पहल शुरू की है। पर्यावरण संरक्षण एवं जन चेतना समिति नन्दपुर इस पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए इस पहल की शुरूआत का चुकी है।
मंगलवार को पंचायत भवन परिसर में लोगों के लिए एक दिवसीय शिविर का आयोजन समिति की ओर से किया गया। विदेशी तकनीक पर सेब की टहनियों को क्रश करने की एक मशीन से शिविर के दौरान लोगों को सेब की टहनियों को क्रश करने की तकनीक बताई गई। महेंद्र मशीनरी स्टोर रोहड़ू की ओर से सन्नी महेंद्रु ने मशीन से सेब की टहनियों को क्रश करने के तरीके बताए। नंदपुर पंचायत जुब्बल तहसील की एक बड़ी सेब उत्पादक पंचायत है।
पंचायत की प्रधान एवं समिति की प्रधान शकुंतला डोड ने बताया कि कई सालों से लोग सेब की प्रूनिंग के बाद निकाली गई टहनियों को जलाते हैं जिससे धुआं फैसला है। इस साल उन्होंने गांव में पर्यावरण संरक्षण एवं जन चेतना समिति बनाकर पूरी पंचायत को धुंआ रहित कर दिया है। अब उसने सीख लेकर आसपास के पंचायती भी इसमेें सहयोग कर रही है। समिति के अध्यक्ष राजेश धांटा का कहना है कि पूरी पंचायत में अब कोई सेब की टहनियों को नहीं जला रहा। समिति की ओर से लोगों को मौके पर पहुंच कर जागरूक किया गया।
इस दौरान रावी पंचायत के प्रधान सुभाष पांटा, पंदपुर पंचायत के प्रधान सहित सभी लोगों ने सरकार से टहनियों को क्रश करने वाली मशीन पर अनुदान के लिए आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि जिस प्रकार मैदानी क्षेत्र में पराली जलाने से रोकने के लिए अनुदान व दूसरे विकल्प सरकार ने रखे हैं, उसी प्रकार सेब की टहनियों को जलाने से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए भी बागवानों को प्रेरित करने की पहल की जाए। शिविर में समिति के सचिव बीरबान सिंह रावत, प्रेम लाल, वीरेंद्र सोपटा, कमल ठाकुर, भवानी सिंह, दिनेश कंवर, गिल्टाडी पंचायत के बागवान जगदीश चंद, रावी पंचायत के बागवान शशि वीर बाल्टू, निक्की बाल्टू, किशोर जगटा सहित आसपास की पंचायतों के लोग मौजूद रहे।