बीस लाख तक के कार्यों के लिए
ऑफलाइन निविदाएं भरने की मिले सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर के सीएंडडी श्रेणी ठेकेदार यूनियन ने जीएसटी और ईपीएफ को लेकर प्रदेश के ठेकेदारों से एकजुट होने की अपील की है। यूनियन ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में ठेकेदारों को 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ऑफलाइन निविदाएं भरने की सुविधा थी, जिसे वर्तमान सरकार ने घटाकर पांच लाख कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर रामपुर में बुशैहर सीएंडडी श्रेणी ठेकेदार यूनियन की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कौशिक ने की।
उन्होंने कहा कि सीएंडडी श्रेणी के ठेकेदारों से 12 और 18 प्रतिशत की वसूली की जा रही है। पूर्व में ठेकेदार द्वारा दो प्रतिशत सेल टैक्स दिया जाता था, लेकिन अब 12 और 18 प्रतिशत जीएसटी कैसे दिया जाएगा? इसके अलावा इन्हें सीए का खर्चा भी देना पड़ रहा है। 1 जुलाई 2017 से सरकार ने जीएसटी लागू किया गया है, विभागों द्वारा उसे लागू नहीं किया जा रहा और न ही इसका ब्योरा टेंडर प्रक्रिया में जोड़ा गया है।
यूनियन ने सरकार को चेताया कि यदि जल्द ही जीएसटी और ईपीएफ की अदायगी के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यूनियन ने प्रदेश के करीब तीन हजार सी एंड डी श्रेणी के ठेकेदारों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की अपील की है। इस मौके पर महासचिव चूड़ा राम, विनोद कुमार, दीपक, जेपी, जिया लाल, केवल राम, राम रत्न शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।