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बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालकों के लिए बने ठोस नीति

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रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में बीते तीन वर्षों से सेवाएं दे रहे बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालक यूनियन ने मुख्यमंत्री से उनके लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। इन परिचालकों ने टीएमपीए परीक्षा भर्ती जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है को रद्द कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने की भी मांग उठाई है। रविवार को प्रदेश रोजगार प्रशिक्षित परिचालक यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सिराज पहुंचने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिचालकों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर जरूर विचार करेगी।
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प्रदेश बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालक यूनियन के अध्यक्ष नरेश पठानिया, प्रदेश सचिव रूप लाल कुल्लू डिपो परिचालक यूनियन के सचिव बृज और अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि बीते तीन वर्षों से पथ परिवहन निगम में तैनात बेरोजगार प्रशिक्षित परिचालकों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निगम प्रबंधन केवल अपना काम चलाने के लिए प्रशिक्षित परिचालकों को फिर से प्रशिक्षण के नाम पर निगम की बसों में बतौर परिचालक सेवाएं ले रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निगम प्रबंधन में प्रदेश भर में हो रहे ऐसे बार बार के प्रशिक्षणों को बंद कर स्थायी रोजगार मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। परिचालकों ने कहा कि प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के चलते प्रदेश के सैकड़ों प्रशिक्षित परिचालकों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। सभी परिचालक दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं। पूर्व परिवहन मंत्री ने परिचालकों के लिए नीति बनाने के आश्वासन भी दिए। लेकिन सरकार मात्र आश्वासन देने तक ही सीमित रही।
यूनियन ने कहा कि निगम में टीएमपीए के तहत 498 परिचालकों की भर्ती की गई, जिसमें कुछ खास जिलों के सैकड़ों अभ्यर्थियों को ही उत्तीर्ण किया गया। हालांकि अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। वर्ष 2016 में निगम ने टीएमपीए के तहत परिचालक भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की गई थी। प्रदेश के 1300 परिचालकों ने यह परीक्षा दी थी। इसका निगम की ओर से परिणाम घोषित नहीं किया गया। इस भर्ती में कुछ खास परीक्षा केंद्रों से लगभग एक साथ ही उत्तीर्ण दर्शाया गया है। इससे प्रतीत होता है कि पिछली सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाना चाहती थी। परिचालकों ने इस परीक्षा को रद्द कर फिर से नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने की मांग की है।
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