फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्फ बारी के चार दरान बाद भी परी पर नहीं लौटा कनजीवन

विज्ञापन
विज्ञापन
पटरी पर अभी तक नहीं लौटा जनजीवन
विज्ञापन

किन्नौर के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूट पड़े हैं ठप
छोटे वाहनों में अतिरिक्त किराया देकर कर रहे सफर
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में बर्फबारी के चार दिन बीतने के बाद भी जन जीवन अस्तव्यस्त पड़ा है। जिले में अभी भी हल्की बर्फबारी का क्रम जारी है। इसके कारण आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूटों पर अभी भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित है। सड़कों पर बर्फ की सिल्ली जमने और फिसलन होने के कारण परिवहन निगम के वाहनों के पहिये भी थम गए हैं। जनजातीय जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है।
सोमवार शाम से शुरू हुई बर्फबारी के कारण अब तक जिले में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। वीरवार को रोघी, पांगी, छितकुल, रक्षम, यांगपा, आसरंग, हांगो, नेसंग सहित कई अन्य ग्रामीण रूटों पर निगम सहित अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित रही। हालांकि कुछ रूटों पर आधे तक ही बसों को भेजा जा रहा है। ऐसे में दूरदराज क्षेत्रों के ग्रामीणों को काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई इलाकों में ग्रामीण छोटे वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर हैं। उन्हें अच्छा खासा अतिरिक्त किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जिले के राजकमल नेगी, धर्मसेन नेगी, जिया लाल नेगी, विजय नेगी, प्रदीप नेगी, मनोज नेगी, सुरजीत नेगी, सांभा दोर्जे नेगी, हिम्मत सिंह नेगी, विद्यालाल नेगी, रामलाल नेगी, पवन कुमार नेगी, बबीता नेगी, सरिता नेगी, अनुराधा नेगी, अनुपमा नेगी, भारती नेगी, आरती नेगी और संध्या नेगी ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से ठप पड़े रूटों को जल्द बहाल करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन

इस संबंध में पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने कहा कि जिले के अधिकतर ग्रामीण रूटों पर तो बसों को भेजा जा रहा है, लेकिन जिले आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन होने के कारण निगम की बसों को नहीं भेजा जा रहा। स्थिति सामान्य होते ही इन रूटों पर बस सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें