पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों का होगा कायाकल्प, मिली सैद्धांतिक मंजूरी
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65 किलोमीटर लंबी सड़कों को चकाचक करेगा लोक निर्माण विभाग मंजूरी मिलने के बाद प्राक्कलन तैयार करने में जुटा विभाग सुभाष सेन रामपुर बुशहर।
रामपुर के दुर्गम क्षेत्रों में खस्ताहाल सड़कों की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-4 बैच वन में उपमंडल रामपुर की 13 सड़कों का कायाकल्प होगा। इन सड़कों के सुधारीकरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग सड़कों का प्राक्कलन तैयार करते में जुट गया है। उपमंडल रामपुर की अधिकांश ग्रामीण सड़कों को बुरा हाल है। खस्ताहाल सड़कों पर रोजाना हजारों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण तो हुआ, लेकिन निर्माण के बाद सड़कों में सुधार न के बराबर है। वर्तमान में उपमंडल की सड़कों की हालत बदतर बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी दुर्गम क्षेत्र 15/20, 12/20 और उप तहसील सराहन के तहत आने वालीं पंचायतों के ग्रामीण झेल रहे हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-चार के बैच वन के तहत सड़कों के सुधारीकरण कार्य को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत करीब साढ़े 65 किलोमीटर लंबी सड़कों पर चौड़ाई का कार्य, डंगे लगाने सहित निकासी नालियों का निर्माण किया जाएगा। कई संपर्क सड़कों अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही मेटलिंग और टारिंग के कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च से इन सड़कों की हालत सुधारने के कार्य शुरू हो जाएंगे। एक दशक से भी अधिक समय से खस्ताहाल सड़कों से जूझ रहे ग्रामीण, किसानों-बागवानों सहित स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और नौकरी पेशे से जुड़े लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना चरण-चार के तहत रामपुर की 13 सड़कों के सुधारीकरण को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। विभाग इन सड़कों के प्राक्कलन तैयार करने में जुट गया है। बजट स्वीकृत होते ही सड़कों की हालत सुधारने का कार्य शुरू किया जाएगा। -अंकुश जम्वाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग रामपुर
इन सड़कों का सुधार होगा
सड़का का नाम दूरी
रामपुर अस्पताल कॉलोनी से सरलापरोग - 1.960 किमी
पटैना कैंची से दारन घाटी - 5.120 किमी
दलोग-चासनी-मंढोग - 3.300 किमी
रुंगचा-धारला - 5.850 किमी
राजपुरा-दरशाल - 5065 किमी
संपर्क सडक़ मोलगी - 1.505 किमी
उरू से धार - 3 किमी
पलजारा-गिंछा-पेई - 8 किमी
मंगलाड पुल से रुनपू - 6.400 किमी
शरण-डोई - 4.070 किमी
कूटी-किन्फी - 12.510 किमी
कोटला-कुन्नी - 3.150 किमी
सेरीपुल-अनुराक्षी से करेरी - 5.610 किमी
बागवानों को नकदी फसलें मंडी पहुंचाना होगा आसान
उपमंडल रामपुर के अधिकतर ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है। लंबे अरसे से खस्ताहाल सड़कों के कारण हर वर्ष हजारों बागवान अपनी फसलों को मंडी पहुंचाने में परेशानी झेल रहे हैं। सेब सीजन के दौरान बरसात का दौर रहता है। ऐसे में खस्ताहाल सड़कें बागवानों की राह का रौड़ा बन जाती हैं। भूस्खलन, डंगे ढहने और तंगहाल सड़कों के कारण बागवानों को अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना रहता है। बीते वर्ष भी सेब सीजन में 12/20 और 15/20 क्षेत्र को जोड़ने वालीं मुख्य सड़कें कई माह बंद रहीं और बागवानों को परेशानी झेलनी पड़ी। अब जल्द ही राहत मिलने वाली है।
खस्ताहाल सुंडा सनेई सडक़ पर खतरों के साये में हो रहा सफर। संवाद
खस्ताहाल सुंडा सनेई सडक़ पर खतरों के साये में हो रहा सफर। संवाद