बीडीओ को पंचायतवार रोस्टर जारी कर निर्धारित तिथि पर बैठकें करने के निर्देश
तहसीलदार, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित अधिकारी बैठकों में होंगे शामिल
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और नशा विरोधी जागरूकता अभियानों पर होगा मंथन
बैठकों की कार्यवाही और कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के साथ प्रशासन को भेजनी होगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर और ननखड़ी विकास खंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग और सेवन पर रोक के लिए प्रशासन ने 13 पंचायतों को रेड कैटेगरी में रखा है। इनमें रामपुर विकास खंड की पांच और ननखड़ी की आठ पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों में नशे की रोकथाम को लेकर हर माह समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठकों में विभागों के अधिकारी नशे की स्थिति की समीक्षा करने के साथ रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों का आकलन करेंगे। इसकी रिपोर्ट उपमंडल प्रशासन को सौंपी जाएगी।
उपमंडल प्रशासन ने दोनों खंड विकास अधिकारियों को पंचायतवार मासिक बैठकों का रोस्टर जारी कर निर्धारित तिथि के अनुसार बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। बैठकों में तहसीलदार या नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, बीएमओ, पंचायत क्षेत्र के स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठकों में पंचायतों में नशे के सेवन और दुरुपयोग की स्थिति की समीक्षा के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। नशा विरोधी जागरूकता अभियान, युवाओं और प्रभावित लोगों के लिए परामर्श, नशा-मुक्ति संबंधी उपायों और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर चर्चा होगी। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई पर भी जोर दिया जाएगा।
प्रशासन ने बीडीओ को प्रत्येक बैठक की कार्यवाही, लिए निर्णयों और उन पर हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। बैठकों की संक्षिप्त रिपोर्ट भी उपमंडल प्रशासन को भेजी जाएगी। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर नशे के खिलाफ निगरानी और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करना है।