ईयर एंडर
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
महात्मा गांधी चिकित्सा केंद्र खनेरी भी इस साल सुर्खियों में रहा। चार जिले के लिए बने खनेरी अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ साल भर तैनात न होने से लोगों को परेशानी हुई। ऐसे में लोगों को आंखों के इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा। क्षेत्र के लोग साल भर प्रदेश सरकार से खनेरी अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की मांग करते रहे। लेकिन आज तक नेत्र विशेषज्ञ का पद नहीं भरा गया।
करोड़ों का विज्ञान भवन पड़ा बेकार
गौरा स्कूल में विज्ञान संकाय को नहीं मिले विद्यार्थी, शिक्षक
भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशालाएं
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
गौरा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में विज्ञान संकाय को न विद्यार्थी मिल रहे और न ही शिक्षक। रामपुर उपमंडल के गौरा स्कूल में सरकार ने वर्ष 1998 में विज्ञान संकाय शुरू किया था। लेकिन स्कूल को इस विषय के विद्यार्थी नहीं मिल रहे। सरकार ने पिछले साल साढ़े चार करोड़ की लागत से स्कूल का विज्ञान भवन भी बनवाया। भवन में आधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशालाएं बनाई गई। लेकिन विद्यार्थी और शिक्षक न होेने से प्रयोगशालाएं धूल फांक रही हैं।
बिना शिक्षकों के छात्र स्कूल में साइंस संकाय में दाखिला नहीं ले पाए। लंबे समय तक यहां पर विज्ञान अध्यापकों की तैनाती न होने से छात्र विज्ञान पढ़ने के लिए झाकड़ी और रामपुर के स्कूलों का रुख करने लगे है। इसके बाद यहां साइंस अध्यापकों का आना-जाना लगा रहा और कोई भी शिक्षक पूरे शिक्षा सत्र तक स्कूल में नहीं टिक पाया। इसके चलते स्कूल में विज्ञान संकाय के प्रति छात्रों का रुझान कम हो गया और साइंस अध्यापकों का भी स्कूल में टोटा चलता रहा। अब स्कूल में दो विज्ञान शिक्षकों की पोस्टें मंजूर करवाई गई हैं। वर्ष 2016 में इस स्कूल में सरकार ने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से साइंस भवन और प्रयोगशालाएं तैयार कराई थी, जो कि किसी काम की नहीं है। यही नहीं स्कूल में कला और कॉमर्स संकाय के शिक्षकों की भी कमी है। एक पद शास्त्री और एक कॉमर्स संकाय के शिक्षक का पद भी खाली है।
अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट : प्रवीण
स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवीण गुप्ता ने बताया कि स्कूल में लंबे समय से विज्ञान संकाय के छात्र नहीं है। स्कूल में साइंस पढ़ने के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। स्कूल में रिक्त पड़े शिक्षकों की तैनाती के लिए सरकार और विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर रिपोर्ट भेजी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही स्कूल में साइंस शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाएंगे। विज्ञान विषय के प्रति छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।