15 घंटे के कड़ी मशक्कत के
बाद दोनों साधु सुरक्षित निकाले
पुलिस प्रशासन, आईटीबीपी, होम गार्ड बचाव दल को मिली सफलता
टीमों को छितकुल दर्रे से पहले घायल अवस्था में मिले थे दोनों साधु
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के छितकुल गांव के पास 16 हजार 198 फुट की ऊंचाई पर छितकुल दर्रा पहुंच कर बचाव दल के सदस्यों ने 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घायल दो साधुओं को सुरक्षित निकाला। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, सांगला पुलिस, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पहुंचे स्पेशल होम गार्ड के जवान बचाव दल में शामिल रहे।
पुलिस थाना सांगला से मिली जानकारी के मुताबिक रिकांगपिओ से 12 जुलाई को साधुओं का दल किन्नौर जिले की सीमा से सटे गांव कुन्नोचारंग से कैलाश परिक्रमा पर निकला था। इसके बाद इन साधुओं ने छितकुल देवी के दर्शन करके लौटना था परंतु ये छितकुल पहुंचने से पहले ही फंस गए थे। दल में से 11 साधु परिक्रमा करके लौट गए थे जबकि दो साधुओं की उम्र अधिक होने की वजह से बीत रास्ते में हिम्मत हार बैठे। ये दोनों घायल अवस्था में थे।
इस दौरान 50वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल मस्तरंग की टीम एसओ इंस्पेक्टर बिशन दास, एएसआई सुनीत सिंह की टीम 10 जवानों को लेकर शाट रेंज पेट्रोलिंग (एसआरपी) के लिए निकली थी, तो इसी दौरान उन्हें छितकुल दर्रा के पास आवाज सुनाई दीं तो आईटीबीपी के एएसआई सुनीत कुमार ने पाया कि एक अधेड़ उम्र का साधु दर्द से चीख रहा था। सभी जवानों ने रेसक्यू कर उन्हें मस्तरंग आईटीबीपी के कैंप में पहुंचाया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद एक साधु की पहचान राम दयाल महंत (62) मकान नंबर 29 घसीदास रंगमंच चौक गांव सैमरिया, तहसील पल्लाडी सहमरिया बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। मंगलवार को फिर से पुलिस थाना सांगला से थाना प्रभारी ईश्वर सिंह, आरक्षी धर्मेंद्र सिंह, आरक्षी लाल सिंह, चालक माया राम, आईटीबीपी के मुख्य आरक्षी लेखराज, राजपाल, पंकज कुमार उथापा, राम बिहारी, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से गृह रक्षकों की स्पेशल क्यूआरटी कंपनी कमांडर सुखदेव सिंह, सेक्शन कमांडर सुनील कुमार, ज्योति लाल, बौद्धराज, जगजीवन नेगी, गृह रक्षक देवराज, नरेश कुमार, भीषण कुमार की टीम ने रेसक्यू कर एक और साधु वैष्णव दास (75) गांव पाइका बहाल, थाना तरामभा, जिला सोनेपुर उड़ीसा को 15 घंटे के रेसक्यू के बाद मंगलवार देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। जहां पर उन्हें उपचार के बाद सांगला पुलिस ने एक अन्य साथी साधु मोहनदास के सुपुर्द कर दिया है। एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा ने कहा कि दोनों साधुओं को सुरक्षित बचा लिया है।