नौ नाग झील के सुंदरीकरण
के काम पर जताई आपत्ति
देवस्थल और सरकारी भूमि पर कब्जा करने का आरोप
एसडीएम रामपुर को ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड की सरपारा पंचायत में देवता साहिब जल नाग मंदिर सुधार सभा ने मंगलवार को एसडीएम रामपुर को एक ज्ञापन सौंपा। सभा ने पंचायत स्थित नौ नाग झील के हो रहे सुंदरीकरण के काम पर आपत्ति जताई है।
सभा के आत्मा राम केदारटा ने कहा कि झील के सुंदरीकरण का काम कई सालों से चल रहा है। इसके लिए पूर्व में पर्यटन विभाग ने 46 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसे खर्च करने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद प्रदेश सरकार से दोबारा राशि की मांग की गई। सरकार के निर्देशों के बाद लोनिवि ने नक्शा तैयार कर इसके लिए अनुमानित लागत 53 लाख रुपये निर्धारित की और पर्यटन विभाग को केवल 25 लाख रुपये की राशि ही मिल पाई। अब झील का दोबारा से मूल्यांकन किया गया और नक्शा बनाया।
लोनिवि वृत्त रामपुर ने काम के टेंडर लगवाए और काम ठेकेदार को अवार्ड कर दिया। जब ठेकेदार ने इस पर काम शुरू किया तो मंदिर कमेटी ने पाया कि झील का बहुत सा मलकीयत का हिस्सा बर्बाद हो रहा है और लोनिवि ने मंदिर कमेटी से परामर्श लिए बिना ही काम शुरू करवा दिया, जिसका मंदिर कमेटी विरोध करती है। इस झील से क्षेत्र के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। झील के एक हिस्से में स्थानीय निवासी की नौतोड़ भूमि है।
सभा ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति झील निर्माण के कार्य में अकसर बाधा डालता रहता है, जबकि इससे उसको किसी प्रकार कोई नुकसान नहीं हो रहा है। उसने मई माह में जमीन की निशानदेही भी करवाई थी, जिसमें उसके नाजायज कब्जे सामने आए और इसके बावजूद भी उसने इस पर गौशाला का निर्माण किया। सभा ने एसडीएम रामपुर से मांग की है कि नाजायज कब्जा हटाने के लिए उस पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज कर निशानदेही की जाएगी।