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नई कॉलेज तो खुल दिया लेकिन कमरे में लगा ताला

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ज्यूरी कॉलेज पर लटके ताले
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एक माह बाद भी किसी विद्यार्थी ने नहीं लिया प्रवेश
बीच सत्र में खोलने से नहीं मिल सका छात्रों को लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
प्रदेश सरकार ने ज्यूरी में शैक्षणिक सत्र के बीच में राजकीय डिग्री कॉलेज खोला। अब इस कॉलेज पर ताला लटका हुआ है। करीब एक माह पहले यहां पर कॉलेज का शुभारंभ सरकार की ओर से किया गया था। लेकिन यहां पर अभी तक एक छात्र ने भी प्रवेश नहीं लिया। सीनियर सेकेंडरी स्कूल ज्यूरी में शुरू किए डिग्री कॉलेज में कोई भी दाखिला ने होने से कमरों में ताले लटके हुए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 15 अगस्त को रामपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ज्यूरी में डिग्री कॅालेज खोलने की घोषणा की थी। ऐसे में इस कॉलेज को खोलने का किसी को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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19 सितंबर को मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस से इस कॉलेज को शुरू करवा दिया था। मुख्यमंत्री ने रामपुर कॉलेज में छात्रों की ज्यादा संख्या का हवाला देकर बिना मांगे ज्यूरी को कॉलेज घोषणा कर दी थी। कॉलेज में सोमवार को कॉलेज के तीन कमरों में ताले लगे थे। एक कमरे में सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों की क्लास लग रही थी। वहां न तो कोई अध्यापक था और न ही कोई छात्र। वहां हाल ही में तैनात जूनियर सहायक रविजा ने बताया कि वह अभी हाल ही में यहां तैनात हुई है। कॉलेज के अधीक्षक चुनाव ड्यूटी पर गए हैं। क्षेत्र के वरुण सूद, हरदयाल सोनी, मोहित कुमार, मनोज कुमार, राजेश कुमार, संजय कुमार, जगदीश शर्मा, बृज मोहन, राजेंद्र कुमार, रामभक्त और राज चौहान का कहना है कि ये कॉलेज सिर्फ चुनावी लाभ के लिए बीच सत्र में खोला गया। ज्यूरी में अगर कॉलेज देना ही था तो सत्र शुरू होने से पहले दिया जाना चाहिए था, जिससे छात्रों को लाभ मिलता। उधर, कॉलेज के प्रिंसिपल पीसी कश्यप ने बताया कि ज्यूरी कॉलेज में अभी तक कोई एडमिशन हो पाई है। बीच सत्र में किसी छात्र के आने की संभावना भी कम है।
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