हिमाचल प्रदेश सरकार से बस किराया बढ़ाने की मांग कर रहे निजी बस ऑपरेटर एक बार फिर हड़ताल करेंगे।
23 सितंबर को बिलासपुर के निजी बस ऑपरेटर बसें नहीं चलाएंगे। इस बार तो निजी बस ऑपरेटर टैक्सी चालकों द्वारा सवारियां ढोने का भी विरोध करेंगे।
सरकार द्वारा यदि 72 घंटों में किराया बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया गया तो निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल विकराल रूप धारण कर लेगी।
निजी बस ऑपरेटर यूनियन घुमारवीं की बैठक का आयोजन लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह घुमारवीं में किया गया। इसकी अध्यक्षता निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान रणवीर सेन की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 23 सितंबर को निजी बस ऑपरेटर एकजुट होकर हड़ताल का समर्थन करेंगे। इस दिन कोई बस ऑपरेटर अपनी बस नहीं चलाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए रणवीर सेन ने कहा कि सरकार द्वारा डीजल के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकार द्वारा किराया बढ़ाने के बारे कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
इससे निजी बस ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। निजी बस ऑपरेटर बैंक से लिए ऋणों की अदायगी करने में भी असमर्थ हो गए हैं। इसके चलते सरकार को कम से कम 40 फीसदी किराया बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि ऑपरेटरों की मांग की जल्द पूरा किया जाए।
बैठक में राजेश पटियाल, गोपाल भंडारी, सुरेंद्र कुमार, विनीया अमीन, तरसीम, तेजपाल, महेंद्र चंदेल, मुनीलाल, राकृष्ण, राजेंद्र चंदेल, किशोरी लाल, प्रयागराज, विनोद चंदेल, गुलाम मोहम्मद, सुकांत, सतीश, नीलू चंदेल, अमरजीत सेन, पवन कुमार, मनोज चंदेल, जीवन सिंह चंदेल, जगदंबा चंदेल सहित अन्य ऑपरेटर मौजूद थे।