'सुक्खू सरकार मित्रों और सहयोगियों पर ही मेहरबान'
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार शपथ संविधान की खाती है और सरकार अपने प्रावधान से चलाती है। सरकार सिर्फ और सिर्फ अपने मित्रों और सहयोगियों पर ही मेहरबान रही है और उन्हें पर ही जमकर सरकारी पैसा लुटाया है। जनहित और प्रदेश का विकास कांग्रेस की प्राथमिकता में है ही नहीं। मित्रों और सहयोगियों को ही येन- केन- प्रकारेन सेटल करना ही सरकार की प्राथमिकता है। मित्रों और सहयोगियों कैबिनेट रैंक देकर, सीपीएस बना कर लाभ पहुंचाना और युवाओं के रिजल्ट रोककर रखना ही सुक्खू सरकार की नीति है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में घूम-घूम कर कहते हैं कि हमने हिमाचल की हालत बदल दी है। हमने हिमाचल में सभी गारंटियों को लागू कर दिया है। सरकार ने सारी गारंटियों को कितने अच्छे से लागू किया है यह प्रदेश के लोग जानते हैं। आज प्रदेश में विकास के सारे काम ठप हैं। 2 साल के कार्यकाल में सरकार ने एक भी युवा को भर्ती निकालकर नौकरी नहीं दी है। प्रदेश के कर्मचारियों का वेतन अगले महीने आएगा या नहीं, इसके बारे में मुख्यमंत्री को भी मालूम नहीं होता है। बाकी सुविधाओं की बात ही छोड़ दीजिए। कर्मचारियों के मेडिकल बिल पेंडिंग हैं। बाकी सारी सुविधाओं पर रोक है। सरकार हर महीने हजारों करोड रुपए का लोन लेती हैं। 22 महीने के कार्यकाल में ही 25000 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन सरकार द्वारा लिया जा चुका है। हालत यह है कि इस वर्ष लोन लेने की सीमा लगभग समाप्त हो चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में हर तरफ अराजकता का माहौल है। सरकार में आम आदमी की सुनवाई नहीं हो रही है। आए दिन सरकार के द्वारा किसी न किसी योजना को बंद करने, उसमें मिलने वाले लाभ को सीमित करने या लाभार्थियों को योजना से बाहर के उपाय किए जाते हैं।