जयराम ठाकुर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि वह प्रदेश के लोगों को बताएं कि जिसे गाड़ी में घुमाते हैं, उन्हें पहचानने से इनकार क्यों करते हैं? हिमाचल प्रदेश में अब भ्रष्टाचार और अराजकता की आंच सीएम ऑफिस और सीएम तक पहुंच गई है। सरकार के हेलीकॉप्टर में आउटसोर्स भर्ती माफिया घूम कर करोड़ों की डील कर रहा है। हिमाचल के लिए यह दु:खद है। प्रदर्शन के बाद जयराम ठाकुर ने मंडी में ही एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर सरकार की नाकामियों को गिनवाते हुए कई सवाल पूछे।
'मंडी से लेना चाहते हैं बदला'
जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा के चुनाव में मंडी से कांग्रेस को सहयोग नहीं मिला है। इसलिए मुख्यमंत्री जी मंडी से बदला लेना चाहते हैं। इसलिए मंडी के विकास को रोक रहे हैं। चली हुई परियोजनाओं के बजट डाइवर्ट कर रहे हैं। मंडी विश्वविद्यालय को बंद करने के कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। हर हाल में एसपीयू को बर्बाद करना चाहते हैं, उसके लिए जो कर सकते हैं, वह कर रहे हैं। लेकिन यह साजिशें कामयाब नहीं होगी। अगर मुख्यमंत्री को एसपीयू को बर्बाद की जिद्द सवार है तो हम भी ऐलान करते हैं कि उसकी तरफ़ उठने वाले हर हाथ और उंगली को पूरी क़ीमत चुकानी होगी। विश्वविद्यालय के नाम की वजह से कांग्रेस की चिढ़ और बढ़ रही है, क्योंकि यह विश्वविद्यालय भारत की एकता और अखण्डता के अग्रदूत भारतीय रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम से है। केंद्र सरकार ने इस साल हिमाचल को 93 लाख घर दिए लेकिन सरकार के मुँह से धन्यवाद का एक शब्द भी नहीं फूटा।
'कांग्रेस के लोगों के दिमाग में चढ़ी सत्ता'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता आती जाती रहती है, लेकिन कांग्रेस के लोगों के दिमाग में सत्ता चढ़ गई है और इसका खामियाजा पूरा प्रदेश भुगत रहा है। महज 2 साल के कार्यकाल में सरकार और सरकार के सहयोगी भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ चुकी है। प्रदेश भर में हर जगह मुख्यमंत्री के मित्रों के द्वारा प्रायोजित भ्रष्टाचार का बोलबाला है। प्रदेश सरकार ने आपदा से त्रस्त लोगों को राहत पहुंचाने में भी हद दर्जे का भ्रष्टाचार किया है। लोगों से आपदा के नाम पर चंदा वसूलने से लेकर आपदा राहत राशि बांटने के नाम पर हद दर्जे का भ्रष्टाचार एवं पक्षपात हुआ। प्रभावित परिवारों के बजाय प्रभावी परिवारों को राहत पहुंचाई गई। आज नहीं तो कल सरकार की इस अराजकता का हिसाब होगा। सरकार की इसी नाकामी के कारण प्रदेश के लोगों ने हिमाचल प्रदेश की 68 में से 61 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस हराया। हारने वालों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई बड़े मंत्री और सीपीएस के हलके भी शामिल हैं।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर उनके साथ सदर विधायक अनिल शर्मा, नाचन के विधायक विनोद कुमार, बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल, करसोग के विधायक दीप राज, प्रदेश प्रवक्ता पंकज जम्बाल, मंडी जिला अध्यक्ष निहाल चंद, सुंदरनगर जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हीरा लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पॉल वर्मा, धर्मपुर के भाजपा प्रत्याशी रजत ठाकुर, समेत समस्त मंडल के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता उपस्थित थे।