जयराम ठाकुर ने कहा कि आज प्रदेश में निवेश के खिलाफ किस तरीके का माहौल है वह किसी से छुपानहीं है। प्रदेश सरकार निजी क्षेत्र में निवेश के सख्त खिलाफ है ऐसा माहौल बना रही है कि जो भी उद्योग हिमाचल में है वह भी हिमाचल प्रदेश से बाहर जा रहे हैं। हिमाचल के लिए हर लिहाज से बहुत खतरनाक है सरकार को उद्योगों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण और प्रभावित कदम उठाने होंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कॉस्ट कटिंग के नाम पर आज बिजली बोर्ड के 80 से ज्यादा ड्राइवर की सेवाएं सरकार ने समाप्त कर दी। बीते कल बिजली बोर्ड के एक्सईएन और एसडीओ की 51 पदों को डिनोटिफाई कर दिया। जिसका मतलब हुआ कि वे सारे पद खत्म हो गए हैं। चार दिन पहले नादौन में जल शक्ति विभाग के सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी को बाहर कर दिया। लोगों को नौकरियां से निकलना, कर्मचारियों का वेतन रोकना आउटसोर्स के कर्मचारियों को कई-कई महीने वेतन न देना सुक्खू सरकार की दिनचर्या का हिस्सा हो गया है। मुख्यमंत्री और उनके तमाम सहयोगियों को यह बताना चाहिए कि समय चल क्या रहा है प्रदेश में। अखबारों में खबरें छपवाते हैं कि दीपावली का तोहफा दिया जा रहा है और दीपावली के तोहफे के नाम पर आउटसोर्स कर्मियों की नौकरियां ली जा रही हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सरकार के सारे मंत्री हर दिन सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं लेकिन फैसला इतने छोटे इतने संकीर्ण हृदय के साथ कर रहे हैं जिसका कोई मुकाबला नहीं है। जो व्यक्ति सालों से सेवाएं दे रहे हैं अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इस सेवा में खपा चुके हैं एक दिन सरकार उनके बारे में फैसला करती है कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाए ऐसे में यह सवाल उठता है कि वह लोग कहां जाएंगे उनके परिवार का क्या होगा।