उन्होंने सरकार से मांग की कि पदोन्नति आदेश जल्द जारी होने चाहिए। पूर्व महासचिव हीरालाल वर्मा ने कहा कि बोर्ड में कर्मचारियोंं की कमी बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में 28 लाख उपभोक्ता हैं। एक समय था जब बोर्ड में 43 हजार कर्मचारी थे और 6 लाख बिजली उपभोक्ता थे। आज बिजली बोर्ड के ढांचे का विस्तार हो गया है। कई बिजली विद्युत परियोजनाएं चल रही है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या मात्र 11 हजार रह गई है। उन्होंने कहा कि शिमला में तो ये स्थिति हो गई है कि कर्मचारियों की कमी के चलते नाइट शिफ्ट भी बंद हो गई है। बोर्ड में 9000 पद खाली पड़े हैं, इनमें 5000 पद तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पड़े हैं लेकिन सरकार की ओर से यह पद नहीं भरे जा रहे हैं। कर्मचारियों के पदों की कर्मी के चलते उपभोक्ता भी परेशान हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की बोर्ड में स्थायी कर्मचारियों की भर्ती की जाए।