मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पत्नी के देहांत के बाद परिवार में उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पार्टी हाईकमान से इस तरह की कोई भी जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास उनकी बेटी और परिवार की जिम्मेदारियां हैं जिसके चलते वे ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि इस तरह का दायित्व संभाल सकें।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार के समय जल जीवन मिशन की धनराशि से 120 करोड़ के रेस्ट हाउस बना दिए गए। केंद्र सरकार इन पैसों को मौजूदा समय में मिलने वाली धनराशि से काट रही है। केंद्र का कहना है कि पैसा पानी उपलब्ध करवाने के लिए दिया गया था न कि रेस्ट हाउस बनाने के लिए। जबकि प्रदेश सरकार कह रही है कि यह कारनामा उन्हीं की सरकार के समय में हुआ है इसलिए इसे न काटा जाए।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार केंद्र सरकार से जेजेएम के तहत 1200 करोड़ की धनराशि लेने को है, लेकिन इसे अभी रोक दिया गया है। देश भर में जेजेएम के तहत हुई गड़बड़ियों की जांच चल रही है और उसी के तहत इस राशि को रोका गया है। प्रदेश में ठेकेदारों की जो भी अदायगियां शेष हैं वे इसी योजना के तहत हैं जबकि प्रदेश सरकार की अपने स्तर पर कोई देनदारी देने को नहीं है।