निदेशक मंडल ने दो त्वरित प्रतिक्रिया वाहन और चार क्रेन खरीदने को भी मंजूरी दी। अग्निहोत्री ने कहा कि 700 नई बसों के आने से प्रदेश के दूरस्थ गांवों तक आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे प्रदेश के लोग और पर्यटक लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से 15 वर्ष पुरानी डीजल बसों को हटाने के निर्देश मिले हैं, जिनके अनुपालन के बाद एचआरटीसी के बेड़े में बसों की संख्या में कमी आएगी और नई बसों की खरीद से स्थिति सामान्य हो जाएगी।
किराये बढ़े तो शिमला से धर्मशाला तक चुकाने पड़ेंगे 707 रुपये
बस किराया 20 फीसदी बढ़ने की स्थिति में शिमला से सोलन का किराया मौजूदा 105 रुपये से बढ़कर 113 रुपये, शिमला से धर्मशाला 605 से 707, शिमला से कुल्लू 490 से 550 और शिमला से चंबा 848 से 996 रुपये हो जाएगा। एचआरटीसी बस किराये के साथ इंश्योरेंस और टोल टैक्स भी वसूलता है। बैठक में बस किराया बढ़ाने को लेकर चर्चा के बाद सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रेस वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बस किराया बढ़ाने को लेकर पूछे सवाल को सिरे से नकार दिया।