प्रधानमंत्री पद की गरिमा का ख्याल रखें रजनी पाटिल: राकेश
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जम्वाल ने सोलन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि रजनी पाटिल की टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और वैचारिक दीवालियेपन का प्रमाण है। उन्होंने पाटिल को राजनीतिक मर्यादा में रहकर बयानबाजी करने की सलाह भी दी और कहा कि जब कांग्रेस के पास मोदी सरकार की उपलब्धियों का जवाब देने के लिए तथ्य नहीं बचे तो उसके नेता भाषा की मर्यादा की धज्जियां उड़ाने लगे हैं। गुरुवार को जारी बयान में राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी को यह याद रखना चाहिए कि नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी अमर्यादित टिप्पणी करोड़ों देशवासियों के जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा को राजनीतिक बहस का स्तर नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पीएम मोदी के खिलाफ भैंस का अवतार जैसे शब्द खोजने से पहले यह देखना चाहिए कि जनता ने कांग्रेस की राजनीति को किन कारणों से लगातार नकारा है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के पास अपने शासन और वादों का हिसाब देने के लिए ठोस जवाब नहीं है, उसके नेता दूसरों पर कीचड़ उछालकर शायद अपनी राजनीतिक असफलताओं को ढकना चाहते हैं। राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करनी है तो तथ्यों पर करे। लेकिन अफसोस की बात है कि कांग्रेस नेताओं के पास आलोचना के लिए कोई मुद्दा नहीं हैं और सुर्खियों में बने रहने के लिए ओछी हरकतें कर खुद ही हंसी के पात्र बन रहे हैं। राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी को सोलन में राजनीतिक नौटंकी करने से पहले अपनी ही सरकार से पूछना चाहिए कि चुनावी गारंटियों का क्या हुआ।