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राजनीति: भाजपा विधायक अनिल शर्मा की टिप्पणियों से हिमाचल में सियासी गरमाहट, जानें पूरा मामला

Fri, 09 Oct 2026 06:30 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला।

सार

अब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की नसीहत और अनिल के बेटे आश्रय शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट से फिर राजनीतिक गरमाहट पैदा हो गई है।
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मंडी सदर से विधायक अनिल शर्मा (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा की सांसदों पर टिप्पणी का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की नसीहत और अनिल के बेटे आश्रय शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट से फिर राजनीतिक गरमाहट पैदा हो गई है। सितंबर में अनिल शर्मा ने टिप्पणी की थी कि कोटली में पार्किंग के लिए जब सांसदों से 25-25 लाख रुपये मांगे तो उन्हें मदद नहीं मिली। इनके तिलों में तेल नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखा तो करीब दो करोड़ रुपये मिले। कॉलेज भवन के लिए भी 80 लाख मिले। उसके बाद इस पर खूब राजनीतिक बयान शुरू हुए। फिर अनिल शर्मा ने भाव स्पष्ट किया कि वहां से उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला था।

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जयराम ठाकुर ने अनिल शर्मा को दी ये नसीहत 
गुरुवार को जयराम ठाकुर ने मंडी में अनिल शर्मा को नसीहत दी कि वह भाजपा के विधायक हैं, अगर लोकसभा में चारों सांसद भाजपा के हैं तो उनके साथ बैठकर अपनी बातें कर सकते हैं। उन्हें नहीं लगता कि इस बात को मीडिया में कहना चाहिए। दूसरी ओर अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर सांसद कंगना के बयान पर पोस्ट लिखी कि हिमाचल प्रदेश देश पर बाेझ नहीं है, बल्कि भारत के मुकुट का एक चमकता हुआ सितारा है। मंडी की सांसद ने बुधवार को दिए बयान में आय के साधन न होने पर हिमाचल को देश पर बाेझ कहा था। इससे पूर्व अनिल शर्मा का बयान भी कंगना समेत अन्य भाजपा सांसदों की कार्यशैली पर ही था।

 कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा
अनिल शर्मा कांग्रेस के दिग्गज राष्ट्रीय नेता रहे पंडित सुखराम के बेटे हैं। हिमाचल की राजनीति के चाणक्य के नाम से विख्यात रहे दिवंगत पंडित सुखराम केंद्रीय संचार राज्य मंत्री रह चुके हैं और मंडी जिला की राजनीति में उनका लंबे समय तक प्रभाव रहा। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम में अनेक बार तनातनी रही। उनके बेटे अनिल शर्मा के भी वीरभद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री रहते हुए मतभेद सामने आए। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। 

अनिल शर्मा जयराम सरकार में भी ऊर्जा मंत्री रहे
अनिल शर्मा जयराम सरकार में भी ऊर्जा मंत्री रहे और आंतरिक द्वंद्व के चलते उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था। उस वक्त मंडी लोकसभा सीट से उनके बेटे आश्रय शर्मा अपने दादा पंडित सुखराम की मदद से कांग्रेस का टिकट लेकर आ गए थे। जयराम सरकार में भी कई मुद्दों पर उनके मतभेद रहे। मंडी संसदीय क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जहां बड़े नेता हैं, वहीं अनिल शर्मा भी इस क्षेत्र में दखल रखने वाली बड़ी राजनीतिक पृष्ठभृमि से हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पहले मंडी की धरा पर नेताओं द्वंद्वात्मक बयानों से यहां की राजनीति गरमा गई है।

अनिल शर्मा बोले- सांसदों वाले बयान पर स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुके
अनिल शर्मा का कहना है कि सांसदों वाले बयान पर वह पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। जहां तक सरकार के पांच साल से अधिक समय तक चलने की बात है तो उन्होंने यह सामान्य रूप से कही है। उनका कहना है कि वर्तमान सरकार तो वादों पर खरी नहीं उतर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ उनके परिवार के पुराने संबंधों को लेकर पूछे सवाल पर अनिल शर्मा का कहना है कि पारिवारिक संबंध अपनी जगह हैं।
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अनिल शर्मा का एक और बयान भी वायरल, सरकार पांच साल से ज्यादा वक्त चलनी चाहिए
अनिल शर्मा का नया बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि राज्य के लोगों को सोचने की जरूरत है कि किसी पार्टी को हिमाचल में लंबा समय देना चाहिए। जब तक प्रदेश में स्कीम लागू करने की स्थिति बनती है तब तक सरकार बदल जाती है। हालांकि, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस पर कहा कि अनिल शर्मा का कहने का भाव यही था कि पिछली भाजपा सरकार अगर सत्ता में रहती तो विकास कार्य आगे बढ़ते। बिंदल ने कहा कि कांग्रेस तो मुख्यमंत्री के गृह जिला सहित जिला परिषद चुनाव में प्रदेश में 12 में से 11 जिलों में हारी है।
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