हिमाचल प्रदेश में पैरा मेडिकल स्टाफ का अब स्टेट कैडर कर दिया गया है। वर्तमान सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के पैरा मेडिकल स्टाफ का जिला कैडर बनाने का निर्णय बदल दिया है।
अब संबंधित कर्मचारियों की नियुक्तियां और ट्रांसफर प्रदेश के किसी भी जिले में की जा सकेंगी। यह निर्णय नर्सों, फार्मासिस्टों सहित कई अन्य श्रेणियों को लेकर लिया गया है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी इस संबंध में अधिसूचना वर्तमान प्रधान सचिव स्वास्थ्य ने ही निकाली थी। उस समय भी वह स्वास्थ्य महकमा देख रहे थे।
अब कांग्रेस शासनकाल में उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने की अधिसूचना निकाली है। प्रधान सचिव की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सात सितंबर, 2012 को पैरा मेडिकल स्टाफ की विभिन्न श्रेणियों को जिला कैडर घोषित करने को लेकर निकाली गई अधिसूचना वापस ली जाती है।
अब इस बारे में स्टेट कैडर पूर्व की तरह ही रखा जाएगा। प्रधान सचिव अली रजा रिजवी की ओर से निकाली गई अधिसूचना की प्रतियां महालेखाकार, विशेष सचिव वित्त, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा, निदेशक दंत चिकित्सा, प्रधानाचार्य आईजीएमसी शिमला, मेडिकल कालेज टांडा, सभी सीएमओ, सभी बीएमओ आदि को भेजी गई हैं।
वर्तमान में प्रदेश में पैरा मेडिकल स्टाफ के तहत लगभग 2500 नर्सें, 984 फार्मासिस्ट सहित लैब तकनीशियन, ओटीए, एक्सरे तकनीशियन, ऑप्थेल्मिक तकनीशियन आदि कई श्रेणियां हैं।
ये सभी अब स्टेट कैडर में ही होंगी। इस निर्णय का प्रदेश फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष बीरबल शर्मा, ने स्वागत किया है।