हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने घोषणा की है कि सरकार भी प्रतिभाओं का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित होने वाले प्रदेश के बच्चों को सरकार 75 हजार रुपए एकमुश्त वजीफा और 10वीं और 12वीं के 5000 टापर्स को राज्य सरकार टैबलेट देगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को होटल पीटरहाफ में आयोजित अमर उजाला प्रतिभा सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रही है। चुनाव घोषणा पत्र के वादे के अनुसार बंद किए गए स्कूलों को खोला गया है।
अस्थाई शिक्षकों को रेगुलर करने के लिए एक नीति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि वह छठी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रतिभा सम्मान समारोह में भी छठी बार शामिल हो रहे हैं। प्रदेश के कोने कोने से आए प्रतिभाशाली बच्चों को इस तरह प्रोत्साहित करना काबिले तारीफ कार्य है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में पहले स्थान पर रहे बोर्ड के टॉपर्स को अपने हाथों सम्मान दिया। इस दौरान कुल 141 टापर्स को अवार्ड दिए गए।
इनमें से 10वीं और 12वीं के 106 टापर और शिमला सिटी के स्कूलों के टॉपर्स शामिल थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्रियों में बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने भी मेरिट में रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी, प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष बलबीर तेगटा, निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी और निदेशक एलीमेंटरी अशोक शर्मा आदि शामिल हुए।