भारी बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मौसम खुलते ही राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। किन्नौर जिले में अब भी करीब 1000 लोग फंसे हैं।
रकछम, छितकुल, बटसेरी, कल्पा, नाको, सांगला और उपा में ज्यादातर लोग फंसे हैं। इनमें देसी और विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। तीन दिन से सांगला में फंसे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हेलीकाप्टर से मंडी रवाना हुए।
सड़क की हालत खराब होने के कारण उन्हें भी हेलिपेड तक जेसीबी में जाना पड़ा। वीरभद्र शनिवार को किन्नौर घाटी में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे।
किन्नौर जिले में सड़क संपर्क ठप है। नई दिल्ली से गृह मंत्रालय ने वायुसेना के दो हेलिकाप्टर भेजे। हेलिकाप्टर दल ने शाम तक करीब 85 लोगों को निकाला। 20 जगह सड़कें बह गई हैं। दस लोगों की जान गई है जबकि करीब 95 घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन का दावा है कि अगले दो दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।
भटिंडा और देहरादून से एनडीआरएफ की दो प्लाटून भी भेजी गई हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने तक हेलिकाप्टर सेवाएं जारी रहेंगी। डोडरा क्वार के रास्ते सांगला घाटी गए शिमला के युवाओं के एक ट्रैकिंग दल का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
लाहौल पुलिस के जवानों ने 16,000 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रे में फंसे करीब 750 सैलानियों को निकाल लिया है। फिलहाल लेह जाने वाले पर्यटक वाहनों को भी रोक दिया गया है।