एप के माध्यम से शिक्षकों को स्टाफ लॉगिन से पहले खुद की हाजिरी दर्ज करानी होगी। उसके बाद अपनी कक्षा के सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इससे विद्यार्थियों का रियल टाइम डाटा एकत्र होगा। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभाग अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेशों पर शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को लागू किया है। हर जिले में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।
इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में विद्यार्थियों के नाम, स्कूल और कक्षावार सहित पूरा ब्योरा होगा। उसके आधार पर शिक्षा विभाग इसे मॉनिटर करेगा। उधर, बैठक के दौरान पुस्तकालयों में डिजिटल तकनीक अपनाने पर बल दिया गया। स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी शिक्षा सचिव ने अधिकारियों से आह्वान किया। उच्च शिक्षा निदेशालय के तहत कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल और कॉलेज मर्ज करने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। बैठक में गुणात्मक शिक्षा देने को लेकर भी मंथन किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।