भाजपा के प्रदेश महासचिव रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पूछा कि हिमाचली होने के बावजूद अपने बेटे और बेटी के नाम पर कंपनी का पंजीकरण उन्होंने दिल्ली में क्यों करवाया?
रणधीर ने आरोप लगाया कि दिल्ली के डेरामंडी तहसील हौजखास महरौली नई दिल्ली में आठ बीघा 19 बिस्वा का फार्म हाउस खरीदा। इसके पंजीकरण के समय खेती लायक भूमि और बाउंड्रीवाल ही दिखाई गई।
हालांकि फार्म हाउस में आलीशान बंगला, स्वीमिंग पूल और चार आलीशान कमरे भी हैं। इन्हें क्यों फार्म हाउस के पंजीकरण के समय छिपाया? मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि पंजीकरण के समय बंगले सहित अन्य संपत्ति को महज स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए नहीं दिखाया है।
इससे सरकार को स्टांप ड्यूटी के रूप में करोड़ों रुपये का चूना लगा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि 25 करोड़ की संपत्ति का पंजीकरण महज एक करोड़ 20 लाख रुपये में करवा कर स्टांप ड्यूटी की चोरी की है।
इस संपत्ति को 2012 के चुनावों में दिए गए शपथपत्र में छिपाया गया।