बीते पांच दशक से मुस्लिम बहुल गांव में रह रहे नेपाली मूल के हिंदू व्यक्ति का मुस्लिम परिवारों ने हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया। 50 वर्षों से बन्ह गांव में मजदूरी करके पेट पालने वाले अशोक बहादुर का 60 साल की आयु में टांडा अस्पताल में निधन हुआ। 10 साल से भी कम उम्र में घर से अशोक इस गांव में पहुंचा था। उसने शादी भी नहीं की। वह लंबे अरसे से ही इसी गांव रहता था। वह कुछ दिनों से बीमार था। ऐसे में गांववासी ही मिलजुल कर उसका उपचार करवा रहे थे।
बीमारी के चलते इसकी टांडा में मौत हो गई। मौत के बाद गांव के मुस्लिम समुदाय ने नेपाली मूल के इस व्यक्ति का शनिवार की देर शाम को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। हिंदू रीति-रिवाज से हिंदू युवकों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। ऑल इंडिया मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश उपाध्यक्ष जान मोहम्मद, वार्ड सदस्य इल्म दीन व मौला दीन ने कहा कि न मजहब और न कोई जाति, सबसे पहले मानवता को ध्यान में रखते हुए अंतिम संस्कार किया गया।