सिविल हवाई अड्डा शिमला में आतंकवाद विरोधी आकस्मिक योजना (सीटीसीपी) मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। यह अभ्यास हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया। इसका लक्ष्य किसी भी संभावित आतंकवादी खतरे से निपटने की तैयारियों का आकलन करना था। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) चंडीगढ़ के सहायक निदेशक कृपाल सिंह के पर्यवेक्षण में यह अभ्यास संपन्न हुआ। विमानपत्तन निदेशक सतीश कुमार ने इस मॉक अभ्यास के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य हवाई अड्डे पर आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता का परीक्षण करना था। आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था और निर्धारित आकस्मिक कार्ययोजना की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान संबंधित हितधारकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष बल दिया गया। निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के प्रभावी अनुपालन को भी सुनिश्चित किया गया।