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एमएलएफएफ तकनीक: हिमाचल में अब बिना रुके कटेगा टोल, 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार में ही निकल सकेंगे वाहन

Fri, 21 Aug 2026 11:53 AM IST
Krishan Singh राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

हिमाचल में पहली बार इस फोरलेन के तीन टोल प्लाजा को मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) तकनीक से लैस करने की तैयारी है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। 
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एमएलएफएफ तकनीक वाला टोल। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अब टोल बैरियर पर वाहनों की कतारें लगने और टोल चुकाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी। हिमाचल में पहली बार इस फोरलेन के तीन टोल प्लाजा को मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) तकनीक से लैस करने की तैयारी है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टोल प्लाजा पार कर सकेंगे और फास्टैग से टोल राशि अपने आप कट जाएगी। इससे मनाली-कुल्लू आने वाले देश-दुनिया के पर्यटकों को टोल प्लाजा पर रुकने की परेशानी से राहत मिलेगी। एनएचएआई की ओर से हिमाचल के तीन टोल प्लाजा गड़ा मोड़ा, टकोली और डोहलूनाला पर यह तकनीक लागू करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। इस तकनीक में टोल बैरियर नहीं लगाए जाते हैं। वाहन के टोल प्लाजा से गुजरते ही कैमरा और सेंसर के माध्यम से उसकी पहचान कर फास्टैग से निर्धारित राशि काट ली जाती है। इस तकनीक का मुख्य फायदा टोल पर इंतजार और जाम कम होगा। ईंधन की खपत और प्रदूषण घटेगा और हाईवे पर यातायात का प्रवाह सुचारू होगा।

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फोरलेन की निर्धारित स्पीड से अधिक पर कटेगा चालान
फास्टैग में कम बैलेंस, निष्क्रिय या अमान्य फास्टैग होने पर वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी होगा। ई-नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान करने पर सामान्य टोल राशि ही देनी होगी। इसके बाद भुगतान करने पर दोगुनी राशि चुकानी होगी। ई-नोटिस की जांच और भुगतान एनएच शुल्क ई-नोटिस पोर्टल पर किया जा सकता है। यह सुविधा राजमार्ग यात्रा ऐप पर भी उपलब्ध है। इस व्यवस्था में टोल पास की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। करीब 3000 रुपये में 200 ट्रिप का सुविधा उपलब्ध रहेगी। हिमाचल के अलावा अन्य स्थानों पर इस तकनीक में वाहन करीब 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से भी टोल प्वाइंट पार करते हैं। तकनीक में फोरलेन की निर्धारित रफ्तार से तेज गुजरने पर ओवर स्पीड का चालान होता है। ऐसे में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर निर्धारित स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। इस स्पीड से भी वाहन गुजरने पर टोल बिना रुके खुद ही कट जाएगा।
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ऐसे काम करेगा एमएलएफएफ सिस्टम
टोल प्लाजा पर करीब 5.5 से 6 मीटर ऊंचाई पर गैंट्री लगेंगी। इनमें फास्टैग रीडर, एआई आधारित ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे और वाहन पहचानने वाले सेंसर होंगे। वाहन की पहचान होते ही लिंक फास्टैग खाते से टोल राशि अपने आप कट जाएगी। वाहन चालकों को ध्यान रखना होगा कि फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस है और सक्रिय है। विंडशील्ड पर सही तरीके से लगा हो। वाहन पर वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) होना जरूरी है।

फिलहाल तीन टोल प्लाजा में एमएलएफएफ तकनीक लागू करने का प्रस्ताव भेजा है। आने वाले समय में अन्य टोल में भी यह तकनीक अपनाई जाएगी।- वरूण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू मंडी।

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