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Mandi News: हिम बस कार्ड अनिवार्य होने से महिलाओं में नाराजगी

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50 फीसदी किराये में रियायत के लिए अब कार्ड जरूरी
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बिना कार्ड पूरा किराया वसूला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को 50 फीसदी किराये में रियायत के लिए बुधवार से हिम बस कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के लागू होते ही कई महिलाओं में रोष देखने को मिला। जिन महिलाओं ने अभी तक हिम बस कार्ड नहीं बनवाया है, उनसे बुधवार को पूरा किराया लिया गया। एचआरटीसी मंडी डिपो में 9727 महिलाओं को हिम बस कार्ड जारी हो चुका है।
महिलाओं का कहना है कि सरकार का यह फैसला उनके लिए असुविधाजनक है। उनका तर्क है कि पहले बिना किसी कार्ड के ही सुविधा मिल जाती थी, लेकिन अब हर समय कार्ड साथ रखना जरूरी हो गया है। वहीं, कुछ महिलाओं ने पहले ही कार्ड बनवा लिया है और उनका कहना है कि सरकार के निर्णय को मानना ही पड़ेगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने विशेष चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई गांव ऐसे हैं जहां निजी बसें नहीं जातीं और वहां केवल परिवहन निगम की बसें ही चलती हैं, ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए और जरूरी हो जाती है।
बॉक्स
मैंने अभी हिम बस कार्ड नहीं बनाया है। मैं मंडी में रहती हूं और कम ही घर जाती हूं। मुझे ध्यान नहीं था। आज पूरा किराया देना पड़ेगा। जल्द ही कार्ड बनवा लूंगी। -डिंपल कुमारी, निवासी सरधवार बल्ह
पहले बताने की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब हिम बस कार्ड साथ रखना पड़ेगा। सरकार का यह निर्णय महिलाओं के लिए सही नहीं है। -लीला ठाकुर, निवासी खोलानाला बालीचौकी
मैंने हिम बस कार्ड बना लिया है। मैं मंडी से रिवालसर रोज सफर करती हूं, लेकिन इस फैसले का विरोध करती हूं। बस में भीड़ होने पर कार्ड दिखाना मुश्किल होता है। परिवहन निगम ने हमारा अप्रैल फूल बना दिया। -दीपा कुमारी, रिवालसर
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-परिवहन निगम की बसों में अब सफर करना महंगा हो गया है। पहले फ्री बस सेवा थी, कोई कार्ड नहीं बनाना पड़ता था। अब कार्ड बनवाना जरूरी हो गया है। -रमा शर्मा, राजगढ़
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