मंडी। जिला मंडी में रविवार सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आई है। आईएमडी सुंदरनगर के अनुसार रविवार को जिला में अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 30 डिग्री था। तापमान में एकाएक 10 डिग्री की गिरावट आने से रविवार को शहर में लोग गर्म कपड़े पहने नजर आए। वहीं, तापमान गिरने से सेब फ्लावरिंग और सेटिंग पर भी संकट के बादल छा गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 18 अप्रैल के बाद मौसम पूरी तरह साफ होगा। इससे पहले जिले में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को जिला में 1.7 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, हल्की बारिश से भी मंडी शहर में कई जगह सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इससे वाहन चालकों के साथ राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लड़भड़ोल, जोगिंद्रनगर, मंडी, सुंदरनगर और बल्ह समेत कई जगह हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इन इलाकों में इस समय गेहूं की फसल के लिए बारिश बेहद जरूरी थी। इससे किसानों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी। हालांकि सरकाघाट समेत कुछ इलाकों में जहां फसल तैयार हो चुकी है, वहां किसान परेशान भी दिखे।
उधर, बारिश और अंधड़ ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गोहर, सिराज समेत कई इलाकों में इन दिनों सेब समेत अन्य गुठलीदार फलों के पौधों पर आई फ्लावरिंग के झड़ने का दौर शुरू हो चुका है। इससे किसानों और बागवानों को अभी से पैदावार प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। कृषि विभाग ने आगामी दिनों में ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए बागवानों को सेब के पौधों पर एंटी हेलनेट से कवर करने की सलाह दी है।
बेमौसमी बारिश और ठंड बिगाड़ सकते हैं फूल खिलने की प्रक्रिया
गोहर (मंडी)। मंडी जिला में बेमौसमी बारिश से सेब की फ्लावरिंग और सेटिंग पर भी संकट के बादल छा गए हैं। बारिश के कारण ठंड कायम है। इसके कारण सेब की फ्लावरिंग और सेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो अप्रैल में बारिश का क्रम जारी रहा तो सेब के बगीचों में आने वाली फ्लावरिंग और सेटिंग बिगड़ सकती है। बार-बार बारिश और मौसम परिवर्तन के कारण इस बार सेब बेल्ट में चिलिंग आवर्स भी पूरे नही हुए हैं। बागवानों में हेम सिंह ठाकुर, दिनु, परमा राम, वेद प्रकाश, देवीराम, पूर्ण, यशवंत, भीम सिंह, लाभ सिंह, यशु, सुरेश शर्मा और रमेश ठाकुर ने बताया कि बारिश और ठंड ने चिंता बढ़ा दी है।
मंडी में एडवांस में होती है फ्लावरिंग : डॉ. एसपी भारद्वाज
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज का कहना है कि सेब की फ्लावरिंग और सेब सेटिंग को अभी समय है। मंडी जिला में फ्लावरिंग एडवांस होती है और यहां का सेब सबसे पहले निकलता है। मौसम फ्लावरिंग के समय साफ होना चाहिए। अगर मौसम साथ नहीं देता है तो फ्लावरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे सेब की सेटिंग खराब हो सकती है।
35 लाख सेब पेटी होता है मंडी जिला में उत्पादन
मंडी जिला में 35 लाख सेब की पेटी सेब का उत्पादन होता है। इससे जिला में करोड़ों का कारोबार होता है। मंडी जिला में करसोग, चुराग, पांगणा, चरखडी, रोहांडा, शकोहर, रजोट, कुटाहची, सरोआ, फ़ंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, बगस्याड, थुनाग, जंजैहली, छतरी और द्रंग के इलाकों में सेब का भारी उत्पादन होता है। जिला में 15 लाख पेटी गुठलीदार फलों का उत्पादन होता है। मंडी जिला में कृषि विभाग के दस ब्लॉक है। जहां मटर, गोभी, फ्रांसबीन और सेब फसलों को बेमौसमी बारिश घातक है।