बीएसएल नहर के पानी में गाद बढ़ने से आधी क्षमता पर चल रहा जल शोधन संयंत्र
बरसात ने बिगाड़ी पेयजल व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। शहर के लोगों को अगले आदेश तक दिन में केवल एक बार ही पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। लगातार हो रही बारिश के कारण बीएसएल नहर से आने वाले ब्यास नदी के पानी में गाद की मात्रा काफी बढ़ गई है। इसके चलते जल शक्ति विभाग का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। विभाग के अनुसार जल शोधन संयंत्र तक पहुंच रहे पानी में गाद की मात्रा 4,000 पीपीएम से अधिक दर्ज की गई है। इसके कारण प्लांट अपनी कुल क्षमता के केवल 50 प्रतिशत पर ही संचालित हो रहा है। परिणामस्वरूप प्रतिदिन करीब 20 से 25 लाख लीटर कम पेयजल का शोधन हो पा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने शहर में फिलहाल एक समय ही पेयजल आपूर्ति करने का निर्णय लिया है।
जल शक्ति मंडल सुंदरनगर के अधिशाषी अभियंता रजत गर्ग ने बताया कि बरसात के दौरान बीएसएल नहर में गाद बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन इस बार इसकी मात्रा असामान्य रूप से अधिक है। इससे पानी के शोधन में कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही गाद का स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा, शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। जल शक्ति विभाग ने शहरवासियों से अपील की है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए पेयजल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए करें और पानी की बर्बादी से बचें, ताकि उपलब्ध पानी का लाभ सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पहुंच सके।