करसोग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश उद्यान विकास परियोजना करसोग क्षेत्र में अंतिम चरण में चल रही है। प्रदेश सरकार ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित लगभग 1,456 करोड़ रुपये लागत वाली इस योजना की शुरूआत वर्ष 2016 में शुरू की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य पैदावार के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त सेब का उत्पादन करना और बाजार तक उसकी प्रतिस्पर्धात्मक पहुंच बनाना है।
योजना के तहत उद्यान विभाग करसोग ने 18 क्लस्टरों का निर्माण किया है। इनको उच्च गुणवत्तायुक्त फलदार पौधों के वितरण के साथ सिंचाई के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसी कड़ी में सनारली क्लस्टर को भी बागवानों की संस्था को स्थानांतरित किया है।
इसमें लगभग 91 लाख रुपये की लागत से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया गया है। 1.60 लाख लीटर की क्षमता के पानी भंडारण टैंक बनाए है। इस सिंचाई योजना से लगभग 40 हेक्टेयर भूमि और बगीचों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाकर लगभग 127 परिवारों को लाभान्वित किया गया है।
उद्यान विकास अधिकारी डाॅ. चमेली नेगी के अनुसार इस क्लस्टर में मुख्यतः सनारली, कुट्टी, खमनू इत्यादि गावों को शामिल किया गया है। वहीं, एसएमएस करसोग डाॅ. जगदीश वर्मा के अनुसार क्षेत्र के बागवानों को सिंचाई के पानी की सुविधा मिलने से लोगों का रूट स्टाक पर सेब की बागवानी के प्रति रुझान बढ़ा है।