उपमंडल बालीचौकी में जल रक्षकों की आयोजित बैठक के बाद एक साथ । स्रोत संगठन
बालीचौकी (मंडी)। उपमंडल बालीचौकी के जल रक्षकों की बैठक जल रक्षक संगठन के महासचिव डोलम चंद की अध्यक्षता में बुधवार को हुई। बैठक में डोलम चंद ने कहा कि प्रदेशभर में हजारों जल रक्षक बर्फबारी में पेयजल आपूर्ति बहाली के लिए लगातार सेवा दे रहे हैं। मगर विभाग के अन्य कर्मचारियों की तरह पर छुट्टी का प्रावधान तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जल रक्षकों को मात्र 5300 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। आज के दौर में इससे परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व वीरभद्र सरकार ने 14 साल पूरा कर चुके जल रक्षकों को नियमित कर दिया था। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी 12 साल पूर्ण कर चुके कर्मियों को नियमित करने के आदेश दिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने 12 साल पूर्ण कर चुके जल रक्षकों को अभी तक नियमित नहीं किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के सात हजार जल रक्षकों को 12 साल के बजाय आठ साल में नियमित किया जाए। कैबिनेट में इस फैसले को मंजूरी दी जाए।
बैठक के दौरान उपमंडल बालीचौकी की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें सर्वसहमति से मोहर सिंह को जल रक्षकों के उपमंडलीय संगठन का अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर पदम देव, तेजा राम, खेमलता, महेंद्र कुमार, नरेश कुमार, बेली राम और प्रवीण कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।