सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल सुंदरनगर के जंगमबाग क्षेत्र में 2 सितंबर को भूस्खलन में सात लोगों की असमय मृत्यु पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बीबीएमबी प्रबंधन की लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह बताते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के लिए बीबीएमबी प्रबंधन जिम्मेदार है। यहां निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरती गई है। इस कारण सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ग्रामीण देवेंद्र राणा, संजय चौधरी, अनिल कुमार और शशि कला ने कहा कि इस आपदा के कारण जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है उन्हें बीबीएमबी प्रबंधन की ओर से मुआवजा और नौकरी दी जाए। इसके साथ ही जो घर टूट गए हैं और असुरक्षित हो गए हैं उन्हें बीबीएमबी की तरफ से घर बनाने के लिए जमीन भी उपलब्ध करवाई जाए। घर बनाने के लिए मुआवजा राशि भी दी जाए। उन्होंने बीबीएमबी प्रबंधन को चेताया है कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बीबीएमबी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों की ओर से बार-बार इस खतरे की आशंका को बीबीएमबी अधिकारियों के ध्यान में लाया गया था। यदि प्रबंधन ने समय पर कार्रवाई की होती तो हादसे को टाला जा सकता था। हादसे की निष्पक्ष व विस्तृत जांच की जाए।
ग्राम पंचायत चांबी और जंगमबाग के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत चांबी के उप प्रधान आशीष रावत, उत्कर्ष खत्री, जगदीश राणा, देवेंद्र राणा, हरीश, राकेश शर्मा, तिलक, पीयूष चौहान, सोनू और हितेश आदि मौजूद रहे। संवाद