पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, नीलम के लिए मांगा इंसाफ
परिजन बोले- पुलिस जांच से नहीं संतुष्ट, सीबीआई को सौंपी जाई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नीलम पेट्रोल कांड मामले में जन आक्रोश बढ़ गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने जिला मुख्यालय में रोष रैली निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नीलम को न्याय दिलाने की मांग करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए कहा है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि जंगल में कपड़े कैसे मिले और मुंह पर पट्टी बंधी होने की बात से संदेह और गहरा गया है।
रैली के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की अब तक की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं। मामले में कई गंभीर पहलुओं की अनदेखी की गई है, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पा रही है। समाजसेवी भास्कर व अनुपमा सिंह ने भी इस मामले में एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की बात कही।
नीलम की परिजन लता चाची ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे जला दिया गया। उनका आरोप है कि यदि वह स्वयं जलती तो शरीर ऊपर से नीचे तक समान रूप से जलता, लेकिन शरीर के निचले हिस्से के अधिक जले होने से कई सवाल खड़े होते हैं।
आरोप लगाया कि नीलम को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। टांगों और छाती में चोट के निशान होने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और नीलम के बयान की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जाए। नीलम की शादी 11 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। पूर्व पंचायत स्तर पर भी समझौता कराया गया था, लेकिन वह कभी खुलकर प्रताड़ना की बात नहीं बता पाई। उनका आरोप है कि उसे डराया और धमकाया जाता था।
नीलम के भाई रामचंद्र ने बताया कि नीलम नौ दिन तक पीजीआई में जिंदगी और मौत से जूझती रही, लेकिन वह बयान देने की स्थिति में नहीं थी। रामचंद्र का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने न तो फोन उठाया और न ही मृत्यु के बाद शव लेने के लिए आगे आया। यहां तक कि अंतिम संस्कार के समय भी कोई मौजूद नहीं था और बेटे को भी नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि नीलम की सास ने खर्च वहन करने में असमर्थता जताई थी।
कोटली के सपलोह निवासी आरोपी के भाई सोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि 12 फरवरी की सुबह उन्हें फोन पर जहरीला पदार्थ खाने की सूचना दी गई थी। उनका कहना है कि नीलम ने हमेशा परिवार का सहयोग किया। उन्होंने बताया कि बेटे से पिंडदान भी करवाया गया है।
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प्रदर्शनकारी उलझे, हो गया विवाद
मंडी शहर में बुधवार को दो प्रदर्शन हुए। एक बिजली स्मार्ट मीटर और दूसरा नीलम पेट्राेल कांड से जुड़ा रहा। प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए। इससे स्थिति गड़बड़ा गई। उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर नीलम पेट्रोल कांड में प्रदर्शनकारी के दल के साथ आया व्यक्ति दूसरे प्रदर्शनकारियों से उलझ गया। प्रदर्शनकारी उन्हें नीलम के लिए इंसाफ मांगने के लिए खड़े होने के लिए बोलता रहा। व्यक्ति के पैसों के लिए आने का जिक्र करने पर स्मार्ट मीटर धरने में शामिल महिलाएं भड़क गईं। महिलाओं ने प्रदर्शनकारी को खूब खरी खोटी सुनाई। थोड़ी देर के लिए यहां माहौल गरमा गया। महिलाओं ने कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर प्रदर्शन के बारे में एक सप्ताह पहले बताया गया था। नीलम को इंसाफ के लिए वह कोटली में शामिल हुई थीं।
मंडी में नीलम पेट्राेल कांड में इंसाफ दिलाने के लिए निकाली रैली में नारेबाजी करती महिलाएं।सं