मंडी। जल शक्ति विभाग बग्गी कार्यालय के 1393 टेंडर के रिकॉर्ड को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) विस्तार से खंगाल रहा है। हजारों की संख्या में मिले पन्नों का अवलोकन कर संदिग्ध टेंडरों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल अभी तक मामले में विजिलेंस के हाथ कुछ खास तथ्य नहीं लग पाए हैं।
तथ्य जुटाने के लिए विजिलेंस मशक्कत कर रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दस्तावेज भी मंगवाए जा सकते हैं। इस मामले में जरूरत पड़ने पर तत्कालीन अधिकारी को भी जांच में शामिल कर सकती है। टेंडर में धनराशि से जुड़े तथ्यों को जांचा जा रहा है। जांच पड़ताल में आरोपों की सत्यता सामने आती है तो विजिलेंस आगामी कार्रवाई करेगी। इस मामले में प्रदेश सरकार से विस्तृत जांच की अनुमति के बाद विजिलेंस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि सुंदरनगर के एक ठेकेदार ने राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो शिमला को जल शक्ति विभाग मंडल कार्यालय बग्गी में तत्कालीन एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत में बीते वित्तीय वर्ष में निविदा प्रक्रिया व बजटीय आवंटन की अवहेलना के आरोप लगाए थे।
उधर, विजिलेंस मध्य रेंज मंडी के एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इस मामले में दस्तावेजों का अवलोकन किया जा रहा है। नियमानुसार जांच पड़ताल की जा रही है। संवाद
पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण
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