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Mandi News: वल्लभ कॉलेज को मिला यूबीए प्रोजेक्ट, कमेटी बनाकर पांच पंचायतों को लिया गोद

Fri, 13 Jun 2025 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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मंडी। जिला में ग्रामीण विकास की दिशा में वल्लभ महाविद्यालय मंडी अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र सरकार के उन्नत भारत अभियान (यूबीए) के तहत महाविद्यालय को सूचीबद्ध किया गया है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास एवं जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को सक्रिय भागीदार बनाना है। अभियान की जिम्मेदारी मिलने के बाद महाविद्यालय ने जिला की पांच ग्राम पंचायतों नसलोह, लरवाहण, सदयाणा, बग्गी और ठनौत को गोद लिया है।
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इन पंचायतों के गांवों के समग्र विकास के लिए महाविद्यालय ने पांच सदस्यीय टीम भी गठित की है। इसके अलावा महाविद्यालय के विद्यार्थी और स्थानीय गांव के लोगों को भी शामिल किया जाएगा। सबसे पहले टीम उक्त पंचायतों के गांवों में जाकर सर्वे करेगी। इस दौरान गांव की समस्याओं के अलावा उन्हें शिक्षित करने, रोजगार की तरफ मोड़ने, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि पर कार्य किया जाएगा।
अक्तूबर तक उक्त पंचायतों में समस्याओं को जानकर डाटा रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। इसके बाद उक्त पंचायतों में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। महाविद्यालय की गठित टीम में मुख्य अनुसंधानकर्ता एवं बॉटनी विभागाध्यक्ष डॉ. तारा देवी सेन, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपाली अशोक, डॉ. सूरज मणि, गणित प्रवक्ता अनिता, पर्यटन विभाग से डॉ. अरविंद कुमार एवं पर्यावरण विज्ञान से प्रवक्ता मनोज कुमार को शामिल किया गया है। मुख्य अनुसंधानकर्ता एवं बॉटनी विभागाध्यक्ष डा. तारा देवी सेन ने बताया कि महाविद्यालय की टीम एवं विद्यार्थी आने वाले दिनों चयनित ग्राम पंचायतों में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
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इन पांच विषयों पर पंचायतों में कार्य करेंगे
जैविक खेती और ग्रामीण उद्यमिता: गांवों में किसानों को जैविक खेती अपनाने और छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता : गांवों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।

शिक्षा और डिजिटल साक्षरता: बच्चों और महिलाओं को पढ़ाई के साथ मोबाइल और कंप्यूटर जैसे डिजिटल उपकरणों की जानकारी दी जाएगी।

स्थायी जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान : लोगों को प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और अपने पारंपरिक ज्ञान को अपनाना सिखाया जाएगा।

स्थानीय संसाधनों से रोजगार सृजन: गांवों में मौजूद वनस्पति, शिल्प और अन्य संसाधनों के जरिये आजीविका के नए रास्ते खोजे जाएंगे।


यह परियोजना नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है। इससे विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन की वास्तविक समझ प्राप्त होगी और उनका समग्र विकास होगा।
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-डॉ. संजीव कुमार, प्राचार्य, वल्लभ महाविद्यालय मंडी
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