मंडी। विश्व जूनोसिस दिवस मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी कार्यालय के सभागार में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर की अध्यक्षता में मनाया गया। इसमें जिला पशु पालन विभाग से अधिकारी डॉ. पल्लवी और पैथोलॉजिस्ट डॉ. अरिंदम राय ने जूनोसिस की विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. पल्लवी ने बताया कि हम उस दौर में जी रहे हैं, जहां लगभग हर घर में एक मनपसंद प्यारा सा पालतू जानवर हमारे साथ रह रहा है। यह कुत्ता, बिल्ली, तोता, खरगोश, गाय, भैंस और बकरी कुछ भी हो सकते हैं। पालतू जानवरों में कई प्रकार के वायरस, बैक्टिरिया और परजीवी हो सकते हैं। ऐसे में इनकी साफ सफाई, खानपान और टीकाकरण का ध्यान रखना चाहिए अन्यथा इनके कीटाणु स्वस्थ लोगों में प्रवेश कर उन्हें बीमार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इन जानवरों में एन्थ्रैक्श, रेबीज, प्लेग, स्क्रब टायफस और टीबी आदि के कीटाणु होते हैं, जो हमारी जरा-सी लापरवाही से हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और लंबे समय तक बीमार कर सकते हैं। कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकते हैं।
डॉ. अरिंदम राय ने बताया कि यदि कोई पालतू अथवा आवारा जानवर आपको काटे या चाटे और जख्म बेशक दिखाई नहीं दे रहा है, तब भी उस स्थान को चलते पानी से कम-से-कम 15 मिनट तक धोएं। इसके बाद अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर इलाज करवाएं, ताकि खतरे को टाला जा सके। वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि विभाग तथा सरकार द्वारा इतने जागरूकता अभियान चलाने के उपरांत भी कुछ कमियां सामुदायिक तौर पर रह जाती है, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।