सरकारी केंद्रों पर स्टॉक खत्म, कालाबाजारी के आरोप
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
संधोल (मंडी)। मानसून के बीच संधोल क्षेत्र में यूरिया खाद की भारी किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान और मक्की की फसलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय पर सरकारी केंद्रों और सहकारी समितियों में यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग समय पर खाद उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है। वहीं, खुले बाजार में कालाबाजारी के जरिये यूरिया खाद निर्धारित मूल्य से लगभग दोगुने दाम पर बेची जा रही है।
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर 270 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया खुले बाजार में 500 रुपये से अधिक में बिक रही है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और फसलों के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने सरकार से तत्काल यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो कृषि विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
स्थानीय किसान मोहन लाल, अश्वनी, कुलदीप, जय सिंह, रीता, रजनी, निर्मला, हरिदास, निशा, मीना देवी, गोपाल, मितुल ठाकुर, जसवंत सिंह, गीता, सोनिया ठाकुर, विजय, विमला देवी, विनोद, विजय कुमार, राजेश सहित अन्य ने कहा कि खाद की अनुपलब्धता से खेती प्रभावित हो रही है, जबकि विभाग किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। सेवानिवृत्त कृषि विकास अधिकारी एवं समाजसेवी मोहन लाल भरमौरिया ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करवाई है। उधर, हिमफेड के प्रतिनिधि मुनीश कुमार ने बताया कि प्रदेशभर में यूरिया की कमी बनी हुई है। इसी कारण अभी तक सुजानपुर और संधोल में यूरिया की खेप नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने कहा कि खाद की आपूर्ति कब तक सामान्य होगी, इस बारे में फिलहाल कोई निश्चित जानकारी नहीं है।