हंडेटी मंदिर से जंगमबाग पहुंचे भगवान जगन्नाथ, शनिवार को होगी मंदिर वापसी
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। ओडिशा के पुरी की तर्ज पर सुंदरनगर में भी आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर करीब 350 वर्ष पुरानी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई गई। वीरवार को हंडेटी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता लक्ष्मी की भव्य रथयात्रा जंगमबाग के लिए रवाना हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में भगवान के जयघोष गूंजते रहे। वर्ष 1927 में प्रकाशित गजेटियर ऑफ द सुकेत स्टेट में इस ऐतिहासिक रथयात्रा का उल्लेख मिलता है। उस समय भी इस परंपरा को लगभग 250 वर्ष पुराना बताया गया था। इसी आधार पर वर्तमान में इसे करीब 350 वर्ष पुरानी परंपरा माना जाता है। मान्यता है कि 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में एक बैरागी ओडिशा स्थित जगन्नाथ धाम से चंदन की लकड़ी से निर्मित भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा सुंदरनगर लेकर आया था। उनके निधन के बाद तत्कालीन सुकेत नरेश ने प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थापित करवाया, मंदिर का निर्माण कराया और नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था की। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है।
मंदिर के पुजारी रूपेश शर्मा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता लक्ष्मी तीन दिनों तक जंगमबाग में विराजमान रहेंगे। शुक्रवार को देव विग्रह तपोस्थली में विश्राम करेंगे, जबकि शनिवार को विशाल भंडारे के आयोजन के बाद रथयात्रा पुनः हंडेटी स्थित मंदिर लौटेगी।