संधोल (मंडी)। राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय संधोल में विद्यार्थियों की संख्या घटने पर ग्रामीण चिंतित हैं। सोमवार को हुई स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक के बाद मंगलवार को एसएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया स्कूल पहुंचे और स्टाफ के साथ बैठक की।
स्कूल में पिछले वर्ष छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक छात्रों की संख्या 340 थी, जो अब घटकर 245 रह गई है। इस पर खूब हंगामा हुआ। उन्होंने कहा कि राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय संधोल भले ही पीएमश्री के लिए संघर्ष कर रहा हो, लेकिन ऐसा रहा तो उत्कृष्ट शब्द भी आने वाले समय में दिखने को नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष विद्यालय की वर्ष भर की कार्य क्षमता के चलते यहां से दर्जनों विद्यार्थी पलायन कर गए हैं। स्कूल में अध्यापक होने के बावजूद कक्षाओं में न आकर पढ़ाई न करवाना विद्यार्थियों के पलायन की बड़ी वजह है। अध्यक्ष ने बताया कि अध्यापक वर्ग आदेशों के मुताबिक वर्दी पहनने से खफा है और इसी मुद्दे पर माहौल गरमा गया।
उन्होंने कहा कि स्कूल में अधिकतर स्टाफ स्थानीय है, जो दिनभर अपने ही काम निपटाने के चक्कर में कभी बाजार कभी सैनिक कैंटीन और कई बैंक की कतार में लगे होते हैं। स्कूल की लचर व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बता दें कि स्कूल में आज तक स्थायी प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं हो पाई है। इस कारण अव्यवस्था का आलम है।
शिक्षक स्कूल में बिछाई मैट में सीख रहे वाहन
अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने आरोप लगाया कि स्कूल में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए दो लाख की कीमत के मैट बिछाए गए हैं, लेकिन उन मैट पर कई शिक्षक गाड़ी और स्कूटी सीख रहे हैं। उन्होंने प्रस्ताव पारित करवाकर शिक्षकों को स्कूल के बाहर वाहन पार्क करने का आग्रह किया। एसएमसी अध्यक्ष ने बताया कि लापरवाही के चलते स्कूल से एनसीसी यूनिट भी बंद हो गई है। अभिभावकों ने स्कूल से 80 प्रतिशत स्थानीय स्टाफ को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है।
कोट्स
ऐसा कुछ नहीं है। हमारे पास स्टाफ कम है। बाजार, ट्रेजरी और बैंक जाना पड़ता है। सभी शिक्षक फॉर्मल ड्रेस में आ रहे हैं। स्कूल के बाहर पार्किंग की व्यवस्था न होने के चलते वाहनों को अंदर लगा रहे हैं। स्कूल में खाली जगह गाड़ियों की पार्किंग के लिए चौकीदार को बोल दिया है।
-निर्मल सकलानी, कार्यकारी प्रधानाचार्य, संधोल स्कूल