नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के बाहर धरना प्रदर्शन करते लोग। स्त्रोत जागरूक पाठक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 100 बिस्तर वाले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में बीते 18 साल से अल्ट्रासाउंड सेवाएं बंद है। लडभड़ोल और चौंतड़ा के अस्पतालों में चिकित्सकों के अभाव से परेशान लोगों ने रोष रैली निकाल नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में विधायक प्रकाश राणा क्षेत्रवासियों को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल के सब्जबाग दिखाते रहे लेकिन उपमंडल के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तक नहीं हो पाई। वहीं कांग्रेस सरकार में भी जोगिंद्रनगर, लडभड़ोल और चौंतड़ा के अस्पतालों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं से हर रोज मरीज परेशान हो रहे हैं। मृत लोगों के शवों के पोस्टमार्टम तक सरकारी अस्पतालों में नहीं हो पा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। अगर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं लाया गया तो ग्रामीण अपने मरीजों और तीमारदारों के साथ हाईवे की सड़कों पर यातायात अवरूद्ध करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से सरकार व स्वास्थ्य विभाग को एक ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में सुधार लाने की मांग उठाई।
जोगिंद्रनगर उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में जिन स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, उन्हें पूरा करने को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। चौंतड़ा और लडभड़ोल के अस्पतालों में भी रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों को जल्द भरा जाएगा। अल्ट्रासाउंड सेवाएं भी जल्द बहाल होंगी।
-डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी