तृतीय ऊहल परियोजना का चुल्ला स्थित पॉवर हाउस। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। ऊहल विद्युत परियोजना चरण तृतीय की 33.3 मेगावाट की पहली टरबाइन में सफल रही मेकेनिकल स्पिनिंग से विद्युत उत्पादन का रास्ता साफ हो गया है। 25 जनवरी 2025 से विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखकर पावर हाउस की 33.3 मेगावाट की दो अन्य यूनिट में भी मेकेनिकल स्पिनिंग जल्द शुरू करने तैयारी ब्यास वैली कॉरपोरेशन ने की है।
रविवार देर शाम ऊहल प्रोजेक्ट में सफल रही मेकेनिकल स्पिनिंग की जानकारी देते हुए अधीक्षण अभियंता इलेक्ट्रॉनिक रमन चौधरी, सिविल विंग के अधीक्षण अभियंता संजीवन धीमान ने बताया कि पावर हाउस में पैन स्टॉक से पानी पहुंचते ही विद्युत उत्पादन का रास्ता प्रशस्त हो गया है। तीन दिन से ऊहल परियोजना के पावर हाउस में मशीनरी की मूलभूत जांच जारी है।
आठ किलोमीटर की एचआरटी में करीब 42 हजार क्यूसिक मीटर पानी और 1.76 हजार क्यूबिक मीटर की रेजरवायर में जल भराव का कार्य पूरा होने के बाद पैन स्टॉक में भी जल भराव का परीक्षण सफल रहा है। विद्युत बोर्ड की कई टीमें परियोजना में चल रही गतिविधियों का निरीक्षण कर रही हैं। रविवार को परियोजना के पावर हाउस में यूनिट एक में मेकेनिकल स्पिनिंग के टेस्ट के दौरान अधिशासी अभियंता सलेशवर राणा, धीरज राणा भी मौजूद रहे। जोगिंद्रनगर में ऊहल तृतीय विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य 2003 में शुरू हुआ था। 2020 में विद्युत उत्पादन के दौरान पैन स्टॉक फट जाने से विद्युत उत्पादन की उम्मीदें टूट गईं।
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पहली विद्युत टरबाइन में मेकेनिकल स्पिनिंग का कार्य शुरू होने से 25 जनवरी 2025 तक विद्युत उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 33.3 मेगावाट की दो अन्य टरबाइनों के सफल परीक्षण के बाद 100 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा।
-देवेंद्र सिंह, प्रबंध निदेशक ब्यास वैली काॅरपोरेशन
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