मंडी। चेक बाउंस के मामले में अदालत ने दोषी को दो साल के साधारण कारावास और 10 लाख रुपये हर्जाना देने का फैसला सुनाया है। हर्जाना राशि अदा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने गुटकर स्थित राम हरी ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरसेव सिंह की शिकायत पर चलाए गए मामले में चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर दोषी गोपाल को यह सजा सुनाई है।
शिकायतकर्ता ने 2013 और 2014 में आरोपी को ट्रक बेचे थे। आरोपी ने शिकायतकर्ता को पांच लाख रुपये का चेक जारी किया था। यह चेक बाउंस हो गया था। ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस जारी किया था। बावजूद आरोपी राशि अदा नहीं कर पाया। इस पर अदालत में शिकायत दायर की गई।अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और दस्तावेजों से आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने उसे सजा का फैसला सुनाया है। संवाद