नकेहड़, खारसा, नोहली और टिकरू में हुआ भूस्खलन
मलबा और पत्थर घरों में घुसने से ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। उपमंडल में बारिश और भूस्खलन से हारगुनैण पंचायत के नकेहड़, गुम्मा के खारसा में दो मकान खतरे की जद में आ गए। राजस्व विभाग ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने को कहा है। इन दोनों स्थानों पर बारिश के पानी के तेज बहाव से मलबा और चट्टानें गिरने से बड़े हादसे की आशंका है।
राजस्व विभाग की टीम ने रविवार को भी घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रशासन के माध्यम से तिरपाल और अन्य सहायता उपलब्ध करवाई है। शनिवार आधी रात को हुई तेज बारिश से नकेहड़ निवासी रोशन लाल के मकान भूस्खलन की जद में आ गया। इससे उसे 50 हजार का नुकसान हो गया। गुम्मा के खारसा के चमन लाल और गोपाल सिंह के रिहायशी मकान में भी मलबा और पत्थर घुस जाने से क्षति पहुंची है। नोहली और टिकरू में भी भूस्खलन से रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है। शनिवार देर रात हुई बारिश से शहरी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति पेश आई। साईं बाजार से सटे रिहायशी इलाकों में भी बारिश के पानी ने खूब तबाही मचाई। सड़क किनारे दुकानों में भी बारिश का पानी घुस जाने से कारोबारियों को नुकसान पहुंचा है। नदी नाले भी उफान पर आ जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रात भर दहशत का माहौल रहा।
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उपमंडल के गुम्मा के खारसा, हारगुनैण पंचायत के नकेहड़ के अलावा नोहली और टिकरू में भूस्खलन से रिहायशी इलाकों में मलबा और पत्थर पहुंचने की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री पहुंचाई है। नदी-नालों में उफान को देखते हुए लोगों को नदी किनारे और भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की हिदायत प्रशासन ने दी है।
-डॉ मुकुल अनिल शर्मा, तहसीलदार जोगिंद्रनगर