इमरजेंसी में बेड साझा करने को मजबूर मरीज
अस्पताल में डायरिया, पेट में संक्रमण, सीने में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में डायरिया, पेट में संक्रमण और सीने में दर्द के मरीजों की आपातकालीन वार्ड में अधिक भीड़ होने से व्यवस्था चरमरा गई। गंभीर मरीजों को व्हील चेयर में उपचार दिलाना पड़ा। वहीं एक बेड में पहले से उपचाराधीन मरीज के साथ अन्य मरीजों को भी उपचार दिलाना मजबूरी बन गया।
शुक्रवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में सांस के मरीजों को भी उपचार दिलाने के लिए आपातकालीन वार्ड में संसाधन कम पड़ गए। नर्सिंग स्टाफ की कमी देखने को मिली। गायनी ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाओं को आपात सेवाओं में भी शामिल करने से गर्भवती महिलाओं को उपचार हासिल करने के लिए भटकना पड़ा।
मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक की ओपीडी में ताला लटका देख अधिकांश मरीज मायूस होकर लौट आए। शुक्रवार को अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की गैर मौजूदगी और मरीजों की अधिक भीड़ से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती रही। ऐसे में अस्पताल के एसएमओ को मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाना पड़ा। अस्पताल की कुल ओपीडी 300 के आसपास रही। इनमें सामान्य रोग से पीड़ित मरीजों का आकंड़ा सौ के पार रहा। शल्य विशेषज्ञ चिकित्सा की ओपीडी में भीड़ से मरीजों का इंतजार लंबा रहा।
उधर, अस्पताल के एसएमओ डा. विकास नाथ ने बताया कि शुक्रवार को आपात सेवाओं के अलावा अस्पताल के विभिन्न रोगी वार्डों में भी मरीजों को उपचार दिलाने के लिए चिकित्सक देर शाम तक डटे रहे।
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डिजिटल एक्सरे और टेस्ट के लिए लगीं कतारें
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में विभिन्न हादसों में घायल मरीजों को डिजिटल एक्सरे करवाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। वहीं टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल की निजी प्रयोगशाला में दोपहर दो बजे तक कतारें लगी रही। अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में दोपहर 12 बजे तक मरीजों के टेस्ट हो पाए। इसके बाद निजी प्रयोगशाला में टेस्ट करवाने के लिए मरीजों का सैलाब उमड़ पड़ा।