नाचन वन मंडल ने रिकॉर्ड पौधरोपण कर अर्जित की खास उपलब्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। नाचन जिले का सबसे बड़ा वन मंडल है। इसके तहत 70 हजार हेक्टेयर भूमि आती है। इस बरसात में माय लाइफ और एक बूटा मां के नाम अभियान के तहत वन विभाग ने 375 हेक्टेयर भूमि पर रिकॉर्ड 2.20 लाख पौधे लगाए हैं। इसमें दो लाख पौधे वन विभाग ने स्वयं जबकि 20 हजार पौधे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों, युवक व महिला मंडलों ने लगाए हैं। वन विभाग ने 30 अगस्त तक दो लाख पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया था। यह निर्धारित तिथि से 10 दिन पहले ही हासिल कर लिया गया है।
रिकॉर्ड पौधरोपण कर नाचन वन मंडल ने ग्रीन कवर बढ़ाने में प्रदेशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मंडी जिला का ग्रीन कवर बढ़ा है जो सुखद है। इसमें नाचन वन मंडल का अहम योगदान है नाचन वन मंडल प्रदेश के बड़े वन मंडलों में शामिल हैं। पौधरोपण की इस मुहिम के तहत वन विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देवदार, खनोर, रखाल और जामुन के पौधे जबकि कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाजा, हरड़ और आमला इत्यादि के पौधे रोपे जा रहे हैं। वन मंडल के नाचन और सराज वन परिक्षेत्रों में 110-110 हेक्टेयर, पंडोह में 105 जबकि थाची वन परिक्षेत्र के 50 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जा रहा है।
वन मंडलाधिकारी नाचन सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों की अवधारणा बदली है और लोग आगे बढ़कर वन विभाग का सहयोग कर रहे हैं। जल्द ही उपमंडल थुनाग और उपमंडल बालीचौकी के अधिकारियों को साथ लेकर पौधरोपण किया जाएगा।
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26 नर्सरियों में 10.50 लाख पौधे तैयार
नाचन वन मंडल के अंतर्गत नाचन, पंडोह, सराज और थाची सहित चार वन परिक्षेत्र हैं जिनमें 26 नर्सरी हैं। इन नर्सरियों में देवदार, बान, खनोर, रखाल, पाजा, दाड़ू, हरड़, भेडा, बुरांस, जामुन और आमला सहित विभिन्न प्रजातियों के 10.50 लाख पौधे रोपे जाने के लिए तैयार हैं।